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गोरखपुर: नूर मोहम्मद के मकान-जमीन पर कब्जे का प्रयास, दो नामजद और अज्ञात पर केस

Fri, 05 Nov 2021 10:56 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

नूर मोहम्मद को अभिलेखों में मृत घोषित करा कुछ लोगों ने उनकी जमीन को कब्जा कर लिया है। दो दिन पहले ही प्रशासन ने कब्जा दिलाया था। आरोपियों ने बुधवार रात को मकान का ताला तोड़ा और खेत में लगा पिलर को उखाड़ दिया। मामला सहजनवां तहसील के जैतपुर टोला गौसपुर गांव का है।
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नूर मोहम्मद - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर में राजस्व अभिलेखों में खुद को जिंदा कराने में सफल रहे नूर मोहम्मद की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पैतृक हिस्से की जिस जमीन व मकान पर प्रशासन ने दो दिन पहले उन्हें कब्जा दिलाया था, उस पर विपक्षियों ने दोबारा कब्जे का प्रयास किया। मकान का ताला तोड़ने से लेकर खेत में लगे पिलर तक को उखाड़ने की घटना हुई। पुलिस ने नूर मोहम्मद की तहरीर पर दो नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना से आहत नूर मोहम्मद एक बार फिर एसएसपी से मिलेंगे।

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सहजनवां तहसील के गांव जैतपुर टोला गौसपुर निवासी नूर मोहम्मद बीते तीस वर्षों से रोजगार के सिलसिले में दिल्ली में रह रहे थे। वर्ष 2008 में गांव में चकबंदी हुई तो गांव के ही कुछ लोगों ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर नूर मोहम्मद को अभिलेखों में मृतक बताकर उनकी जमीन और मकान हड़प लिए।

अमर उजाला ने इस मामले पर लगातार खबरें प्रकाशित की तो प्रशासन ने न केवल नूर मोहम्मद को अभिलेखों में जिंदा किया बल्कि उनकी जमीन और मकान पर कब्जा भी दिला दिया। लेकिन नूर मोहम्मद की जमीन हड़पने वालों पर कार्रवाई नहीं होने का नतीजा यह रहा कि बुधवार रात फिर से मकान का ताला तोड़कर कब्जे का प्रयास किया गया। खेत में निशान के लिए लगे पत्थर को उखाड़ दिया गया।
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परिजन जता रहे अनहोनी की आशंका

नूर मोहम्मद ने बृहस्पतिवार को सहजनवां थाने में तहरीर दी है। एसओ विनय कुमार सरोज ने बताया कि तहरीर के आधार पर अजीत व मंजीत समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ घुड़की, धमकी, चोरी, कुचेष्टा (लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा लगाए गए किसी भूमि चिह्न के नष्ट करने, हटाने अथवा कोई ऐसा कार्य करने, जिससे कि ऐसी भूमि चिह्न कम उपयोगी रह जाए) आदि धाराओं में केस दर्ज किया है।

नूर मोहम्मद गांव में अपनी बहन के यहां रह रहे हैं। परिजनों का कहना है कि खुद को जिंदा साबित करने की लड़ाई लड़ना बहुत चुनौतीपूर्ण है। हमेशा जान को खतरा बना हुआ है। बुधवार रात मकान पर कब्जा करने आए लोग कह रहे थे कि जब तक नूर मोहम्मद जिंदा है, तब तक बड़ा झमेला रहेगा।

इसका मतलब तो यही है कि वे लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं। नूर मोहम्मद भी कई बार पुलिस से खुद की सुरक्षा और जमीन कब्जाने वालों पर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। शनिवार को एसएसपी डॉ. विपिन ताडा से मिलकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाएंगे।
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