फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विकास की राह पर सीएम सिटी: जगदीशपुर इलाके की तस्वीर बदल देगा नया गोरखपुर शहर, महायोजना में प्रावधान कर रहा जीडीए

Fri, 05 Nov 2021 10:46 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

जीडीए की योजना से रियल इस्टेट कारोबारियों में जगी उम्मीद, क्षेत्र के किसानों में खुशी और असमंजस भी, जगदीशपुर से देवरिया रोड के बीच 2500 एकड़ में बसेगा नया शहर, महायोजना में प्रावधान कर रहा जीडीए।

 
विज्ञापन
गोरखपुर शहर। - फोटो : राजेश कुमार
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सीएम सिटी को अलग पहचान दिलाने की मंशा से जीडीए द्वारा बसाए जा रहे नए शहर से जगदीशपुर समेत 12 से अधिक गांवों की तस्वीर बदल जाएगी। योजना की घोषणा के साथ ही क्षेत्र के किसानों से लेकर रियल इस्टेट कारोबारियों में हलचल बढ़ गई है। हर कोई इस योजना को लेकर उत्सुक नजर आ रहा है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष के मुताबिक कई निजी निवेशक नए शहर के बारे में जानकारी लेने दफ्तर आ रहे हैं।  

विज्ञापन


कोरोना की पहली लहर से ही ठंडे पड़े रियल इस्टेट के कारोबार में नया गोरखपुर की योजना से बूम पैदा होने की उम्मीद जगी है। जगदीशपुर से देवरिया रोड के बीच 2500 एकड़ में प्रस्तावित नया शहर बसाने की योजना से क्षेत्र में रियल इस्टेट कारोबारियों को तो मौके मिलेंगे ही, तमाम तरह के रोजगार के भी अवसर पैदा होंगे। माना जा रहा है कि योजना के पांच से 10 किलोमीटर के दायरे में हर तरह का बदलाव आ जाएगा।

दावा किया जा रहा है कि किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिलेगा। योजना की जानकारी होने के बाद तमाम किसान खुश नजर आए। हालांकि कई किसान आशंकित भी हैं। ऐसे किसानों को डर है कि उनकी जमीनें जबरन ले ली जाएंगी। ऐसे किसानों का कहना है कि वे अपनी जमीन पर खेती करते हैं। खेती ही जीविकोपार्जन का जरिया है। जमीन चली जाएगी तो रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
विज्ञापन

 

जमीन बेचने का फैसला किसान का ही होगा : उपाध्यक्ष

जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह का कहना है कि किसी भी किसान की जमीन उसकी मर्जी से ही ली जाएगी और उसकी उचित कीमत दी जाएगी। किसी तरह की कोई जोरजबरदस्ती नहीं की जाएगी। जमीन बेचने का फैसला किसान का ही होगा। रियल इस्टेट कारोबारी व कॉलोनाइजर्स जमीन बेचने के लिए दबाव नहीं बनाएगा। किसानों को किसी भी तरह का भ्रम हो तो कार्यालय आकर दूर कर सकते हैं। प्राधिकरण की मंशा उस क्षेत्र का सुनियोजित विकास करना है।

होटल, मॉल, स्कूल, हॉस्पिटल सभी सुविधाएं होंगी
कुशीनगर मार्ग पर जगदीशपुर से देवरिया बाईपास के बीच 2500 एकड़ में प्रस्तावित नया शहर योजना में होटल, मॉल, मल्टीप्लेक्स, स्कूल, ग्रुप हाउसिंग, रिसॉर्ट, बैंक्वेट हाल, आवासीय कालोनी, बिजनेस हाल, पेट्रोल पंप, अस्पताल जैसी सभी सुविधाएं होंगी। महायोजना-2031 में इसी मुताबिक भू-उपयोग भी तय किया जा रहा है। जीडीए के मुताबिक न्यू सिटी में 1.5 लाख आबादी बसाई जा सकेगी।

कुशीनगर का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बढ़ाएगा चमक
प्रस्तावित नए शहर के लिए जीडीए किसी जमीन का अधिग्रहण नहीं करेगा। निजी निवेशक इसे तैयार करेंगे। सड़क, नाली व अन्य सुविधाओं के लिए नियम जीडीए तय करेगा। इस क्षेत्र में अभी जमीन कृषि योग्य है। प्राधिकरण नई महायोजना-2031 में जमीन का भू-उपयोग बदलकर आवासीय व व्यावसायिक करेगा। जिस जगह नया शहर बसाने की योजना है, वहां से गोरखपुर एयरपोर्ट एवं कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचने में काफी आसानी होगी। जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड बन जाने के बाद नेपाल, महराजगंज, बिहार, देवरिया, लखनऊ की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
 

क्या बोले क्षेत्र के किसान

कोनी में फोरलेन से सटी एक एकड़ जमीन है। परिवार उस पर खेती कराता है। यह जीविकोपार्जन का सबसे बड़ा माध्यम है। जीडीए की योजना से क्षेत्र का विकास तो तय है मगर हम अपनी जमीन किसी को नहीं देना चाहते।
- रविंद्र मल्ल, जगदीशपुर

नया गोरखपुर योजना से क्षेत्र का विकास तो होगा लेकिन किसानों को बहुत नुकसान होगा। ज्यादातर किसानों के लिए खेती ही आय का सबसे बड़ा माध्यम है। मेरी भी एक एकड़ जमीन है, कितनी भी कीमत मिले, हम इसे बेचना नहीं चाहते। - पवन कुमार, अराजी बसडीला

जीडीए जमीन अधिगृहीत करता तो उतना भय नहीं रहता। सरकार से पूरी कीमत मिल जाती मगर प्राइवेट बिल्डर-कॉलोनाइजर नए शहर को बसाएंगे इसलिए पूंजी फंसने की आशंका है। रुपये तो मिल जाएंगे मगर मौके पर दोबारा जमीन नहीं मिलेगी। - शेषमणि गुप्ता, भैसहा

फोरलेन से 300 मीटर की दूरी पर परिवार की एक एकड़ जमीन है, जो परिवार की आजीविका का साधन है। परिवार इस जमीन को बेचने के पक्ष में नहीं है। - रबिश प्रताप मल्ल, जगदीशपुर

जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि महायोजना-2031 में लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में नया गोरखपुर बसाने की तैयारी है। सोनबरसा मार्ग पर जगदीशपुर से देवरिया मार्ग के बीच करीब 2500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में नया शहर बसाया जाएगा। इसमें सभी तरह की सुविधाएं होंगी। कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलकर आवासीय एवं व्यावसायिक किया जा रहा है। जीडीए जमीन अधिगृहीत नहीं करेगा। निजी निवेशक शहर बसाएंगे।
विज्ञापन

बोले- रियल एस्टेट कारोबारी

 शहर के विकास के लिए विकेंद्रीकरण जरूरी है। नए गोरखपुर शहर से बहुत बदलाव आएगा। रियल एस्टेट कारोबार को भी इस पहल से नई ऊर्जा मिलेगी। - विकास केजरीवाल, डायरेक्टर, ऐश्प्रा लाइफ स्पेस

जीडीए की पहल शहर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे सिर्फ गोरखपुर ही नहीं बल्कि कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, बिहार, नेपाल के लोगों को भी आवास बनवाने का अच्छा विकल्प मिलेगा। रियल इस्टेट कारोबार को भी काफी लाभ होगा। - विनय जायसवाल, एमडी न्यू नाईस बिल्डर्स एंड स्टेट डेवलपर्स

जीडीए की योजना से शहर का तेजी से विस्तार होगा। लोगों को आवास एवं व्यवसाय के लिए अच्छा विकल्प मिलेगा। रियल इस्टेट कारोबार में बूम आएगा। कुशीनगर एयरपोर्ट की वजह से योजना बहुत सफल होगी। - रोहित गुप्ता, एमडी भूमिशक्ति ग्रुप

योजना तो अच्छी है लेकिन किसानों से जमीन खरीदना बहुत मुश्किल होगा। सरकार तो चार गुने दाम पर जमीन अधिगृहीत कर लेती है मगर निजी डेवलपर्स से काश्तकार उलटे-सीधे रेट मांगता है। यदि जमीन महंगी मिलेगी तो प्रोजेक्ट महंगा हो जाएगा। - अभिषेक पांडेय, सीएमडी बीएन बालाजी ग्रुप
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें