असुरन और खजांची के पास जाम की सबसे बड़ी वजह भी इन दिनों प्राइवेट बस वाले बन गए है। महराजगंज जाने वाले प्राइवेट बसें यहीं रुकती हैं। जबकि, इसके लिए अफसरों ने मेडिकल कॉलेज के पास एक जगह चिन्हित की थी, जहां पर नगर निगम को काम करना था। तय यही हुआ था कि नंदानगर के प्राइवेट स्टैंड की तरह ही इसे भी व्यवस्थित किया जाएगा। लेकिन, आज भी वहां पर कोई काम नहीं हो सका है। झाड़ियों और उबड़-खाबड़ जमीन देखकर काम पूरा होना तो दूर की कौड़ी लगता है।
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ये लिए गए थे फैसले, जो नहीं हो पाए लागू
- ई-रिक्शा व ऑटो के लिए जगह का निर्धारण किया जाना था।
- नगर निगम को शौचालय व पानी की व्यवस्था करनी थी।
- रोडवेज की बसें परिसर में खड़ी होंगी, पुलिस लगाएगी सीसीटीवी कैमरे।
- महराजगंज की तरफ से आनेवाली बसों का मेडिकल कॉलेज के पास से संचालन होगा।
- बसों के नए पार्किंग स्थल से शहर में आने के लिए ई-रिक्शा व ऑटो का किराया तय होगा।
- सड़क किनारे अवैध रूप से कब्जा किए गए लोगों को हटाकर व्यवस्थित किया जाएगा।
सड़क पर खड़ी ई रिक्शा और ऑटो।
- फोटो : अमर उजाला।
रेलवे स्टेशन रोड पर कुलसचिव आवास के बगल से और सामने वाली सड़क के किनारे से प्राइवेट बसें तो हट गईं, लेकिन अब ऑटो-ई रिक्शावालों का यहां पर कब्जा हो गया है। इसके चलते जाम लग रहा है। एक लाइन से ऑटो और ई-रिक्शावाले खड़ा कर दे रहे हैं। चौराहे पर पुलिस पिकेट है तो पुलिस वाले वहां पर बैरियर लगाकर बाईं लेन तो खाली कर दे रहे हैं, लेकिन चौराहे से पहले वहां पर ऑटो वालों की वजह से लोग फंस जा रहे हैं। कुछ यही हाल शहर के अन्य चौराहों का भी हैं।
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दोपहर के करीब 12.30 बजे धर्मशाला पुलिस चौकी के पास ही ओवरब्रिज के नीचे ऑटो खड़े मिले। वहीं पर सवारियां बैठाई जा रहीं थी। जबकि, एडीजी ने निरीक्षण कर इसके धर्मशाला मछली मंडी के पास शिफ्ट करने का आदेश दिया था। लेकिन, जमीन रेलवे की होने की वजह से अभी प्रक्रिया में लटकी है। दूसरे, नगर निगम वहां पर सफाई भी नहीं कराया। वहां पर ऑटो स्टैंड का बोर्ड नजर आया, लेकिन पास में ही गंदगियों का अंबार था। पुलिस की सख्ती के वजह कुछ ऑटो वाले खड़े भी हो रहे हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर यहां पर कुछ भी नहीं किया गया है।
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एसपी ट्रैफिक श्यामदेव ने कहा कि गुलरिहा थाने के पीछे की जमीन नगर निगम की है। यहां पर स्टैंड बनाने के लिए बातचीत चल रही है। जल्द ही कोई निर्णय ले लिया जाएगा। धर्मशाला के पास की जमीन रेलवे की है। रेलवे के अधिकारी के साथ मैं खुद गया था। उसके आवंटन के लिए रेलवे अधिकारियों से बातचीत चल रही है। ऑटो और ई रिक्शा का किराया आरटीओ को तय करना है। इसके लिए पत्राचार किया गया है। जाम न लगने पाए इसके लिए यातायात पुलिस पूरी कोशिश कर रही है।