शहादत में आगे हैं गोरखपुर के जवान
गोरखपुर के नौजवान केवल सेना में भर्ती होने को ही आतुर नहीं रहते, बल्कि ड्यूटी करते हुए शहीद होने में भी किसी से पीछे नहीं हैं। सेमरा ददरी निवासी श्याम बिहारी शाही की शहादत से शुरू हुई इस शृंखला में एक दर्जन से भी अधिक नाम जुड़ चुके हैं। कारगिल में शहीद होने वाले राइफल मैन शिव सिंह छेत्री और ले. गौतम गुरुंग तो युवाओं के रोल मॉडल बन चुके हैं। इसके अलावा हवलदार राम बहादुर चंद (गगहा), शंभू शरण तिवारी (कसिहार), रघु प्रसाद पांडेय (भीटी), अशोक कुमार तिवारी (घसपुरवा), रामनवल शुक्ला (सिविल लाइंस गोरखपुर), रामानंद (वसुवा), रणवीर सिंह (टुगरा), संतोष पांडेय (बेलीपार), विनय सिंह (भीटी) आदि का नाम भी शुमार है।
बांग्लादेश की आजादी में भी रहा योगदान
वर्ष 1971 की लड़ाई में भी गोरखपुर के योद्धाओं ने अपने पराक्रम का प्रदर्शन किया था। मेजर जनरल शिव कुमार जायसवाल, ऑनरेरी कैप्टन रामानंद निषाद, बैजनाथ समेत कई सैनिक उस युद्ध में शामिल रहे। पिछले दिनों एक कार्यक्रम में मेजर जनरल शिव कुमार जायसवाल ने उस युद्ध से जुड़े रोचक प्रसंग भी सुनाए थे।
संक्रमण के चलते इस बार नहीं होगा कार्यक्रम
सेना दिवस के अवसर पर 15 जनवरी को हर साल भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है। परंतु इस बार कोरोना संक्रमण के चलते इस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। वीर सेनानी कल्याण संस्थान के जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध शाही बताते हैं कि हर साल जीआरडी, सैनिक कल्याण विभाग व संगठन की तरफ से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता था।