प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निरीक्षण में बंद ईटीपी मिला, एजेंसी से बाहर प्रदूषित पानी गिर रहा था। गाड़ी एजेंसी मालिक का दावा है कि लगातार ईटीपी चलती है। उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है।
नमूनों की जांच में एजेंसी से बाहर निकलने वाला पानी प्रदूषित मिलने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने मोहद्दीपुर स्थित गाड़ी की एजेंसी एवं सर्विस सेंटर स्मार्ट व्हील्स पर सख्ती की है। बोर्ड ने एजेंसी मालिक विक्रम सर्राफ को नोटिस देकर चेताया है कि गड़बड़ियां दुरुस्त नहीं की गई तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी मालिक ने नोटिस का जवाब, राज्य मुख्यालय को भेज दिया है। दो दिन में वहां से रिपोर्ट आ जाएगी, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी। वहीं एजेंसी मालिक का दावा है कि उनके वहां कोई गड़बड़ी नहीं है। पानी शोधन करने लिए स्थापित ईटीपी (एफ्यूलिएंट ट्रीटमेंट प्लांट) निरंतर संचालित रहता है। सबसे बड़ी बात की बोर्ड की तरफ से स्थानीय स्तर पर उन्हें कोई नोटिस ही नहीं दिया गया है।
मोहद्दीपुर स्थित स्मार्ट व्हील्स के खिलाफ, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में शिकायत हुई थी कि एजेंसी में सर्विसिंग के दौरान गाड़ियों से निकलने वाला खतरनाक कचरा सीधे रामगढ़ ताल में गिरता है। इसपर बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पंकज यादव के नेतृत्व में टीम ने आठ सितंबर 2021 को एजेंसी का निरीक्षण किया था।
विज्ञापन
क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक निरीक्षण के दौरान ईटीपी बंद पाया गया था और एजेंसी का पानी सीधे बाहर गिर रहा था। इस पर बाहर गिरने वाले पानी का नमूना लिया गया। जांच में पानी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तय मानक के अनुसार नहीं मिला। यानी प्रदूषित मिला। इसपर एजेंसी के मालिक को नोटिस देकर यह चेतावनी दी गई थी कि इकाई से निकलने वाले अशुद्ध पानी का शोधन नहीं किया गया तो इकाई के खिलाफ निर्धारित अधिनियमों के तहत दंडात्मक/ अभियोजनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए राज्य बोर्ड मुख्यालय लखनऊ को संस्तुति की जाएगी।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि एजेंसी से बिना शोधन के जो अशुद्ध पानी रामगढ़ताल में गिर रहा था, उसमें बीओडी की मात्रा 38 मिग्रा/लीटर, सस्पेंडेड सॉलिड की मात्रा 132 मिग्रा/लीटर, सीओडी की मात्रा 260 मिग्रा/लीटर और ऑयल ग्रीस की मात्रा 12 मिग्रा प्रति लीटर पाई गई। जो कि बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक है और जल अधिनियम में दर्ज प्रावधानों के तहत एक दंडात्मक अपराध है।
यह कार्रवाई हो सकती है
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार जल अधिनियम में दर्ज प्रावधानों के अनुसार बोर्ड द्वारा निर्धारित मानक का पालन न होने पर संबंधित संस्था के खिलाफ अभियोजनात्मक कार्रवाई, जिनमें बिजली, पानी के कनेक्शन को काटना,आर्थिक जुर्माना, कारावास, कच्चे माल की आपूर्ति बंद कराया जाना एवं प्रतिष्ठान को बंद कराना आदि शामिल है।
जीडीए ने भी बोर्ड से मांगी थी आख्या
रामगढ़ताल में प्रदूषित पानी गिराने को लेकर एडवोकेट अकबर अली मेकरानी की शिकायत पर जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने भी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र लिखा गया था। 26 नवंबर 2021 को लिखे पत्र में उपाध्यक्ष ने बोर्ड की तरफ से स्मार्ट व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस भेजे जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर सप्ताह भर में आख्या उपलब्ध कराने को कहा था।
कोट 1-
उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गोरखपुर के क्षेत्रीय अधिकारी पंकज यादव ने कहा कि शिकायत पर मोहद्दीपुर स्थित स्मार्ट व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड नामक गाड़ी एजेंसी का निरीक्षण किया गया था। उस दौरान पानी शोधन के लिए लगा ईटीपी बंद मिला था। एजेंसी से सीधे बाहर गिर रहे, पानी का नमूना लिया गया था। जांच में पानी प्रदूषित मिला, जिसपर एजेंसी संचालक को नोटिस भेजा गया था। उन्होंने नोटिस का जवाब राज्य मुख्यालय लखनऊ को भेज दिया। वहां से दो दिन के भीतर रिपोर्ट आ जाने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कोट 2-
मेसर्स स्मार्ट व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक विक्रम सराफ ने कहा कि कुछ लोग फर्जी तरीके से शिकायत कर ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं। एजेंसी में सभी मानकों का पालन किया जाता है। ईटीपी निरंतर चलती रहती है। निरीक्षण की तो जानकारी मुझे अपने स्टॉफ से मिली थी, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी की तरफ से अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला। गौर करने वाली बात यह भी है कि बोर्ड के जो अधिकारी नोटिस देने की बात कह रहे हैं, उन्होंने पांच साल की एनओसी दे रखी है। यदि ईटीपी संचालित नहीं रहती या किसी मानक की अनदेखी की जा रही होती तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से वे भला एनओसी कैसे जारी करते ? इसके पहले भी इस तरह की फर्जी शिकायतें हो चुकी हैं।