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अपराजिता नेशनल हाउस वाइफ-डे कॉन्टेस्ट: लक्ष्मी, सरस्वती, अन्नपूर्णा और दुर्गा का रूप है गृहिणी

Fri, 29 Oct 2021 10:28 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

अमर उजाला के नेशनल वाइफ-डे यानी तीन नवंबर के संस्करण के लिए तीन गृहिणियों को गेस्ट एडिटर बनने का मौका मिलेगा। अमर उजाला का गेस्ट एडिटर बनने का उत्साह गृहिणियों में सिर चढ़ कर बोल रहा है।
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अपराजिता नेशनल हाउस वाइफ-डे कॉन्टेस्ट - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गृहिणी, कहने में तो एक शब्द है लेकिन विस्तार करें तो इसमें धन और वैभव की देवी लक्ष्मी, शिक्षा का स्वरूप देवी सरस्वती, धन-धान्य की देवी अन्नपूर्णा और कल्याण स्वरूपा देवी दुर्गा की विशेषताएं समाहित हैं। इन विशेषताओं को धारण करने वाली गृहिणियां पति और परिवार का संबल हैं। गण्यमान्य हस्तियां भी अपनी सफलता और कामयाब जीवन में पत्नी के इस बहुआयामी रोल का ही हाथ मानते हैं।  
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बहुत कोऑपरेटिव हैं मेरे पति
गृहिणी सरोज पांडेय ने कहा कि ये प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति हैं, लेकिन मेरे लिए बहुत ही केयरिंग सहयोगी हैं। यदि मुझ पर काम का ज्यादा बोझ होता है तो ये घर संभालने में मेरा सहयोग करते हैं। सौभाग्यशाली हूं कि मुझे इतना अच्छा पति मिला। वह मेरी हर जरूरत का ख्याल रखते हैं, लेकिन अपना नहीं। उनकी जरूरत का ख्याल रखने के लिए मैं हूं ना। विवाह के 32 वर्ष हंसी-खुशी बीत गए। भगवान से प्रार्थना करती हूं कि मेरा जैसा जीवनसाथी सभी को नसीब हो।
 
मेरी जिंदगी की आदत हो चुकी है पत्नी    
एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि आज मैं विश्वविद्यालय को दस घंटे से अधिक दे पाता हूं। मुझे उनकी आदत पड़ गई है। वह मेरे सुबह बिस्तर से उठने से लेकर रात में घर लौटने तक सभी जिम्मेदारियां ऐसे निभाती हैं कि मुझे कभी पता ही नहीं चला कि घर में भी कोई काम होते हैं। वह चार दीवारों से बने घर की नहीं बल्कि पूरे परिवार की मालकिन हैं। उन पर ही मेरी, परिवार की और पालतू पशुओं तक की जिंदगी केंद्रित है।
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मेरी सलाह के बगैर नहीं करते कोई काम   
गृहिणी प्रतिमा सिंह ने कहा कि वैसे तो मैं घर-परिवार और वह कारोबार संभालते हैं, लेकिन गर्व है कि वह मेरी हर सलाह को महत्व देते हैं। घर की जिम्मेदारी पूरी तरह मुझ पर है, लेकिन मैं भी उनकी सलाह के बिना कोई काम नहीं करती। यही वजह है कि घर सुंदरता और प्रेम से पूर्ण है। घर में क्या लगना है, कैसे और कब क्या होना है, इसकी सलाह मैं उनसे लेती हूं। स्टाफ को क्या देना है, कैसे करना है इसमें वह मेरी सलाह लेते हैं।

गृहलक्ष्मी हैं मेरी पत्नी

नारायण ट्रांसपोर्ट के एमडी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पत्नी को गृहलक्ष्मी कहता हूं। मैं, सामाजिक और व्यापारिक जीवन में ही उलझा था, विवाह के बाद वह आईं और उन्होंने मुझे जीवन के सही मायने सिखाए। आज हम दोनों दिन की शुरुआत पृथ्वी माता का चरण स्पर्श करने से करते हैं। धर्म-अध्यात्म ही नहीं, उनके कारण मुझे घर परिवार चलाने की चिंता नहीं रहती। वह परिवार के लिए बेहतरीन, प्रबंधक, संचालक, शिक्षक आदि भूमिकाएं बहुत अच्छे से निभा रही हैं।
 
इंज्वॉय करती हूं पारिवारिक जिम्मेदारी
गृहिणी करुणा भदानी ने कहा कि पति-परिवार की जिम्मेदारी इंज्वॉय करती हूं। माता-पिता से जो संस्कार मिले उनके कारण पति, घर-परिवार की जिम्मेदारी निभा रही हूं। हाउस वाइफ की जिम्मेदारी इंज्वाय कर रही हूं। संजीव को बिजनेस में घर-परिवार की चिंता नहीं रहे, इसके लिए उन्हें घर की जिम्मेेदारी से पूरी तरह मुक्ति दे रखा है। मेरा जीवन, पति संजीव, सास-ससुर की सेवा और आठ साल के बेटे वरदान को समर्पित है। सभी मेरा भी अच्छी तरह से ख्याल रखते हैं। संजीव जैसा पति होने के कारण जीवन बहुत ही अच्छी तरह से बीत रहा है।  

मेरे हिसाब से खुद को ढाल लेती हैं करुणा
छात्रसंघ चौराहा स्थित मोमेंटम के निदेशक संजीव कुमार ने कहा कि मैं ऐसे प्रोफेशन में हूं जहां कोई टाइम टेबल नहीं होता। खुद को लकी मानता हूं कि करुणा जैसी पत्नी मिली। वह मेरे हिसाब से वह अपने आप को ढाल लेती है। सुबह पांच, छह या आठ बजे जब भी निकलता हूं नाश्ता तैयार मिलता है। मुझे क्या पहनना है, क्या लेकर जाना है, इसकी चिंता भी वही करती हैं। वह घर के हर काम में इतनी अपडेट हैं कि छुट्टी में मेरे लिए एक भी काम नहीं छोड़ती। लकी हूं कि मुझे करुणा मिली।  
 
पति नहीं दोस्त हैं भोलेंद्र
गृहिणी डॉ. उपमा दुबे ने कहा कि भोलेंद्र के रूप में मुझे बेहतर पति और दोस्त मिला है। उनके रहते मुझे किसी भी तरह की चिंता नहीं रहती। वह मेरे हितैषी और सहयोगी दोनों हैं। विवाह के 16 वर्ष में सभी सुख-दुख हम दोनों ने मिलकर बांटे। वह मेरी हर समस्या परेशानी में जी-जान से खड़े रहते हैं और मैं भी हर कदम पर उनका साथ निभाती हूं। वह व्यस्त रहते हैं। लिहाजा, घर की ज्यादातर जिम्मेदारियों का निर्वहन मुझे करना पड़ता है। पीएचडी कर रखी है लेकिन घरेलू कामकाज में किसी तरह की हिचक नहीं रहती है। हर जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करती हूं।
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मेरे सादे जीवन में रंग बन कर आईं उपमा

श्री नारायण बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक भोलेंद्र नारायण दुबे ने कहा कि विवाह से पहले मैं, बहुत ही सादा जीवन जीता था। उपमा ने आने के बाद जीवन में खुशियों के रंग भर दिए। पत्नी उपमा के रूप में मुझे सरस्वती, लक्ष्मी, दुर्गा, अन्नपूर्णा जैसी देवियों का योग मिला है। वह लक्ष्मी के रूप में लेनदेन, परिवार में आने वाली बीमारी या अन्य समस्याओं में दुर्गा, बच्चों को पढ़ाने में सरस्वती और रसोई में अन्नपूर्णा है। पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा हासिल करने के बावजूद कॅरियर की जगह परिवार को प्राथमिकता दी, यह मेरा सौभाग्य है। उनके कारण ही कारोबार के लिए निश्चिंत होकर दूर तक चला जाता हूं।
 
बनिए गेस्ट एडिटर, चलिए रेडिसन ब्लू
अमर उजाला के नेशनल वाइफ-डे यानी तीन नवंबर के संस्करण के लिए तीन गृहिणियों को गेस्ट एडिटर बनने का मौका मिलेगा। अमर उजाला का गेस्ट एडिटर बनने का उत्साह गृहिणियों में सिर चढ़ कर बोल रहा है। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में गृहिणियों ने प्रविष्टियां भेजीं। सभी प्रविष्टियों में उत्तर शत प्रतिशत सही पाए। अधिक प्रविष्टियां होने के कारण दस भाग्यशाली विजेताओं का चयन लकी ड्रॉ के जरिये किया गया। चुनी गई दस गृहिणियों को आकर्षक गिफ्ट हैंपर दिए जाएंगे। 31 अक्तूबर तक चुनी गईं इन्हीं विजेताओं में से गेस्ट एडिटर पैनल के लिए तीन और चलिए होटल रेडिसन ब्लू के लिए चार गृहिणियों का चुनाव किया जाएगा। इसी प्रकिया के तहत चुनी गईं चार हाउस वाइफ को परिवार समेत फाइव स्टार होटल रेडिसन ब्लू में डिनर का मौका मिलेगा।
हम आपको बता दें कि तीन नवंबर को नेशनल हाउस वाइफ-डे पर अमर उजाला तीन हाउस वाइफ का गेस्ट एडिटर पैनल बनाएगा। दो नवंबर को उन्हें अमर उजाला कार्यालय बुलाया जाएगा और वे एक संपादक की तरह अमर उजाला की रिपोर्टिंग टीम से काम लेंगी।
 
क्विज कांटेस्ट की नियम-शर्तें
  • यह कांटेस्ट केवल महिलाओं के लिए है
  • महिला का विवाहित होना अनिवार्य है
  • शैक्षणिक योग्यता स्नातक होनी चाहिए
  • उम्र 50 वर्ष से अधिक न हो
  • क्विज में उसी दिन के अमर उजाला में प्रकाशित समाचारों से संबंधित प्रश्न
  • पूछे जाएंगे। जवाब के विकल्पों में सही पर टिक करना होगा
  • 31 अक्तूबर को आखिरी क्विज प्रकाशित होगी
  • 20 सफल विजेताओं से तीन गेस्ट एडिटर चुनी जाएंगी
  • गेस्ट एडिटर का चुनाव होटल रेडिसन ब्लू में सामान्य लिखित परीक्षा से होगा
  • अमर उजाला के पाठकों के अलावा अन्य गृहणियां भी भाग ले सकतीं हैं। उन्हें
  • अमर उजाला में प्रकाशित क्विज फार्मेट की फोटो स्टेट कराकर पूरी तरह
  • से भरकर भेजना होगा।
  • एक बार विजेता घोषित होने के बाद अन्य क्विज में आपकी एंट्री नहीं शामिल होगी।
  • निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम होगा
 
आज के विजेता
लकी ड्रा के जरिए चुनी गईं विजेता

अपराजिता नेशनल हाउस वाइफ डे कॉन्टेस्ट में बड़ी संख्या में महिलाएं प्रतिभाग कर रही हैं। शाम छह बजे तक मिली इन प्रविष्टियों में से लकी ड्रा के जरिये 10 महिलाओं को विजेता चुना गया।
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