गोरखपुर में बढ़ रहे अपराधों और आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए जोन में पुलिसिंग की व्यवस्था सुधारने के लिए अपर महानिदेशक (एडीजी) जोन अखिल कुमार ने आपरेशन नींव की शुरूआत की है। इसमें पुलिस के खिलाफ करप्शन, दुर्व्यवहार और अन्य शिकायतों समेत 16 बिंदुओं पर जिलों के एसएसपी और एसपी रोजाना बिंदुवार समीक्षा करके रिपोर्ट तैयार करेंगे। रिपोर्ट की समीक्षा डीआईजी करेंगे।
एडीजी ने जिन बिंदुओं की प्रतिदिन समीक्षा करने को कहा है, उनमें प्रमुख रूप से विधान सभा इलेक्शन को देखते हुए एसडीएम और सीओ ने कितने संवेदनशील बूथों का निरीक्षण किया, मोहल्लों के विवादों में कितने मामलों में शांति भंग में पांबद किया गया है। लूट, मर्डर, चोरी और डकैती की घटनाओं में कितनी पेडिंग हैं, बीट पुलिस आफिसर ने कितने एप्लीकेशन की जांच की. क्या कार्रवाई हुई है, सीओ ने अपने सर्किल के थानों का कितना निरीक्षण किया. उसकी क्या रिपोर्ट है।
इसके अलावा नवीन बीट प्रणाली के तहत कार्य की समीक्षा की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि बीपीओ ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप में 256 लोगों को जोड़ा या नहीं, सी प्लान एप में कितने व्यक्ति जुड़े हैं। 15 दिन के अभियान में कितनी विवेचनाओं का निस्तारण किया गया है, कोर्ट से जारी प्रापर्टी संबंधित एनबीडब्ल्यू का तामिला कितना हुआ. कितने कोर्ट में वापस हुए। गैंगेस्टर एक्ट में कुल कितने नए केस दर्ज हुए. कुल कितने अरेस्ट किए गए और कितने गैंगेस्टर की प्रापर्टी जब्त की गई।
आपरेशन नींव की समीक्षा में जिलों को यह भी बताना होगा कि ग्रामीण नागरिकों की सेवा के लिए जनपदीय पुलिस प्रभारियों ने क्या रचनात्मक कार्य किया है। आपरेशन हंट के तहत चिन्हित बदमाशों के खिलाफ गुंडा, गैंगेस्टर, 110 सीआरपीसी, हिस्ट्रीशीट की क्या स्थिति है, पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफतारी की स्थिति, रासुका के तहत निरुद्ध किए गए अभियुक्तों की संख्या कितनी है।