नाती को अस्पताल में भर्ती कराकर बेटे अखिलेश को खोज रहे थे पिता
हादसे वाली बस में सवार अभिषेक तिवारी (40) पुत्र रामआधार तिवारी अपने 15 साल के बेटे हर्ष तिवारी को लेकर घर लौट रहे थे। हर्ष सैनिक स्कूल लखनऊ में दसवीं का छात्र है। दिवाली पर स्कूल की छुट्टी होने के बाद बेटे को लेकर ट्रेन से गोरखपुर आए और बस से घर के लिए निकले थे। हादसे में पिता अभिषेक की मौत हो गई, वहीं बेटा हर्ष मेडिकल काॅलेज में भर्ती है। अखिलेश के पिता राम आधार रात में ही नाती को भर्ती कराने के बाद बेटे को खोजते हुए पुलिस के पास पहुंचे थे। लेकिन, तब तक पुलिस भी पहचान नहीं कर पाई थी कि शव किसका है। उन्हें ढांढस दिलाया गया था कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती होंगे।
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झांसी से बीटेक कर रहा था नितेश, बहन भी हुई घायल
दुर्घटना में मृत नितेश बीटेक छात्र था। वह अपनी बुआ की बेटी प्रीति के साथ दिवाली की छुट्टी पर घर लौट रहा था। नितेश झांसी से बीटेक कर रहा था तो वहीं प्रीति राय बरेली में पढ़ती है। हादसे में नितेश की मौत हो गई जबकि प्रीति भी घायल हो गई। नितेश तीन भाइयों में छोटा था। पिता मुंबई में काम करते हैं। बड़े भाई विनय सिंह पुणे में काम करते हैं। सूचना पर घर आए। इसी तरह से जनार्दन कुशवाहा बस्ती में टीनशेड लगाने का काम करते थे, दिवाली पर वह भी बस से घर लौट रहे थे। इनकी चार साल की एक बेटी परी है, जबकि 18 महीने का बेटा अर्पित।
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चार बच्चों के पिता थे बस चालक शैलेश
बिहार के रहने वाले बस चालक 35 वर्षीय शैलेश पटेल की भी हादसे में मौत हो गई। शैलेश के चार बच्चे हैं। दो बेटे और दो बेटियां। दीपक (छह) , ननकी (चार), पूजा (10) और नेहा (आठ)। भाई नरेश पटेल का कहना है कि वे दो भाई हैं। दोनों अलग रहते थे। शैलेश की मौत के बाद उसके परिवार की भी सारी जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई।
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लक्ष्मी प्रतिमा रखने घर आ रहा था हिमांशु
हिमांशु यादव ट्रक ड्राइवर था। कानपुर में गाड़ी खड़ी कर वह दिवाली में घर आ रहा था। दिवाली में उसके यहां लक्ष्मी प्रतिमा स्थापित होती है। ट्रेन से गोरखपुर आया और यहां से बस से जा रहा था कि हादसे का शिकार हो गया। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। पांच बहने हैं, तीन की शादी हो चुकी है। दो बहने हिमांशु से भी छोटी हैं उनकी शादी नहीं हुई हैं। पिता खेती-बारी का काम करते हैं। शादी का जिम्मा भी हिमांशु के ऊपर ही था। चार महीने पहले ही घर से निकला था। हिमांशु का मोबाइल,आधार कार्ड, डीएल गायब है, बैग भी खाली है। उधर, एक अन्य यात्री सुरेश पुत्र जवाहिर, पूणे से मुंबई गए और वहां से ट्रेन से गोरखपुर आए। बस में सवार होकर निकले थे। राजगीर का काम करते थे, दो भाइयों में सबसे बड़े थे। उनका एक बेटा डेढ़ साल का है। तीन साल पहले ही शादी हुई है।
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मार्ग दुर्घटना में घायल।
- फोटो : अमर उजाला।