आपराधिक मामले में पकड़े गए नाबालिगों (18 वर्ष से कम उम्र) को बाल सुधार गृह भेजा जाता है। इसका उद्देश्य यह होता है कि बच्चों को सुधारा जाए, ताकि बाहर जाकर वे फिर अपराध न करें। एक सभ्य नागरिक की जिंदगी जी सकें। परंतु बाल संप्रेक्षण गृह में जिस तरह से बाल अपचारी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे, इससे क्या वे सुधर पाएंगे? यह बड़ा सवाल है।
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आठ महीने पहले भी मिले थे मोबाइल फोन
बाल संप्रेक्षण गृह में मोबाइल फोन मिलना नई बात नहीं है। इससे पहले 24 मार्च 2023 को जिला जज के साथ गए एसपी सिटी ने मोबाइल फोन बरामद किया था। तब 22 मोबाइल फोन मिले थे। इसके बाद भी सुधार नहीं आने पर जिला जज ने मामले को गंभीरता से लिया है।