गोरखपुर सिंचाई विभाग के 24 अवर अभियंता स्थानांतरण के ढाई महीने बाद भी अपनी जगह से नहीं हिले। इनमें से ज्यादातर जूनियर इंजीनियर पिछले 15-16 साल से एक ही स्थान पर जमे हैं। सवाल करने पर कहते हैं कि जब तक विभाग चाहेगा, तब तक वे यहां रहेंगे। सिंचाई विभाग के गोरखपुर मंडल के विभिन्न डिवीजन में कार्यरत करीब 33 अवर अभियंताओं का ट्रांसफर गैर जनपद में हो गया है। यह स्थानांतरण 14 जुलाई को किया गया था। ट्रांसफर आदेश में कहा गया था कि स्थानांतरित अवर अभियंता एक सप्ताह के अंदर अपने स्थानांतरण वाली जगह पर जाकर कार्यभार ग्रहण कर लें। ट्रांसफर के बाद स्थानांतरित जगह पर न जाने वाले अवर अभियंता के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन ढाई महीने बाद भी 24 अवर अभियंता अंगद की तरह पांव जमाए बैठे हैं। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद नौ अवर अभियंताओं को रिलीव भी कर दिया गया था लेकिन अब भी अपनी जगह से नहीं हिले। बता दें कि कुछ लोग 15 से 16 साल तक कुशीनगर से महराजगंज तक नौकरी कर रहे हैं। इतने लंबे समय तक मंडल में रहने का कोई प्रावधान नहीं है।
क्या है शासन का निर्देश
प्रमुख अभियंता परियोजना मुस्ताक अहमद द्वारा जो आदेश जारी किया गया है, उसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि स्थानांतरण आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। एक सप्ताह के अंदर नई जगह कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है। विभाग के अधिशासी अभियंता को एक सप्ताह के अंदर रिलीव करने को कहा गया है। कहा गया है कि स्थानांतरित अवर अभियंताओं को जुलाई के बाद वेतन न निर्गत किया जाए। यदि किया गया तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि संबंधित अवर अभियंता को निर्धारित समय में रिलीव न करना अनुशासनहीनता माना जाएगा।
कहां से कितने अवर अभियंता नहीं हुए रिलीव
महराजगंज डिवीजन से आठ अवर अभियंता का ट्रांसफर हुआ था। इनमें से किसी को अब तक रिलीव नही किया गया। इनमें से कई 15 साल से एक ही स्थान पर जमे हैं। वहीं कुशीनगर से भी आठ अवर अभियंता का ट्रांसफर किया गया। उसमें से दो को रिलीव कर दिया गया। तीन लोगों को रोकने की सिफारिश अधिशासी अभियंता ने की है। दो लोगों को अक्तूबर में रिलीव करना है। इनमें भी कई ऐसे हैं जो 16 साल से जमे हैं। गोरखपुर जनपद में ड्रेनेज खंड से जिनका ट्रांसफर हुआ, उन्हें रिलीव कर दिया गया। जबकि, बाढ़ खंड दो और बाढ़ खंड के कई जेई अभी जमे हुए हैं।
क्या कह रहे हैं नहीं जाने वाले जूनियर इंजीनियर
किसी के कहने पर लिख रहे हैं खबर
महराजगंज में कार्यरत जूनियर इंजीनियर संजय पटेल कहते हैं कि वह 15 साल से महराजगंज में कार्यरत हैं। आप एक जेई के कहने पर खबर लिख रहे हैं। इसके पहले भी लिख चुके हैं। जबकि, बाढ़ के नाते चीफ ने हमारा ट्रांसफर रोका था। इस सवाल पर कि ट्रांसफर 14 जुलाई को हुआ। तब बाढ़ नही आई थी, कहा कि चीफ साहब से पूछिए, हम तो जाना चाह रहे हैं।
संशोधन के चक्कर में पड़े हैं
बाढ़ खंड-दो में कार्यरत अवर अभियता संजय सिंह कहते हैैं कि उनका ट्रांसफर बहुत दूर हो गया है। संशोधन के चक्कर में पड़े हैं। अक्तूबर में होने वाला है। वह चाह रहे हैं कि नजदीक के किसी जिले में हो जाए। बाढ़ के कारण अधिकारियों ने उन्हें रोका है।
इस महीने में हो जाएंगे रिलीव
आरएन गौतम गोरखपुर में कार्यरत हैं। इनका ट्रांसफर सरयू ड्रेनेज खंड गोंडा में हो गया है। वह कहते हैं कि इस महीने में रिलीव हो जाएंगे। ट्रांसफर के बाद अधिकारियों ने उन्हें रोके रखा, इस नाते नहीं गए। अब रिलीव हो जाएंगे तो चले जाएंगे।
आपको मेरा नंबर किसने दिया
कुशीनगर में कार्यरत जेई राजेश कुमार के फोन रिसीव करने के बाद जब पूछा गया कि ट्रांसफर के बाद भी क्यों नहीं जा रहे हैं। इसपर जेई झल्लाए और कहा मेरा फोन नंबर किसने दिया? यह सवाल करने पर कि आपका स्थानान्तरण हो गया है, आप यहां कब तक रहेंगे ? उन्होंने कहा कि विभाग बताएगा कि हम कब तक रहेंगे। हम कुछ नहीं बता सकते हैं।
सिंचाई विभाग के मुख्य आलोक जैन ने बताया कि अभियंता जिनका ट्रांसफर हुआ है, वे रिलीव होंगे। किसी को रोकने की सिफारिश नहीं की गई है। जुलाई में ट्रांसफर हुआ, जिनका ट्रांसफर हुआ उनकी जगह कोई आया नहीं है। अब बाढ़ खत्म हो गई है। सभी को रिलीव किया जाएगा।