फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Stree 2: हमारी फिल्मों के भूत समाज की भ्रांतियां हैं, 'सरकटा' पितृसत्ता का विकृत रूप है: नीरेन भट्ट

Fri, 23 Aug 2024 07:56 PM IST
विशाल वर्मा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

लेखक नीरेन भट्ट ने अपने द्वारा लिखे गए 'स्त्री 2', 'भेड़िया' और 'मुंजा' के किरदार को लेकर अपनी राय साझा की है। उन्होंने  'स्त्री 2' के किरदार सरकटा को पितृसत्ता का प्रतीक बताया है।
विज्ञापन
'स्त्री 2' में सरकटा का किरदार और लेखक नीरेन भट्ट - फोटो : इंस्टाग्राम @sunil_kumar81_/@nirenbhatt
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इन दिनों हिंदी सिनेमा में श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव की फिल्म 'स्त्री 2' के नाम का डंका बजा हुआ है। फिल्म ने रिलीज होने के चंद दिनों बाद ही सफलता का परचम लहरा दिया। यह हॉरर कॉमेडी फिल्म पितृसत्ता पर रोचक ढंग से बात कहती है। इस फिल्म के लेखक नीरेन भट्ट का कहना है कि सरकटे का किरदार पितृसत्ता की सभी गलत बातों का प्रतीक है। बता दें कि सरकटा का रोल सुनील कुमार ने अदा किया है, जो पुलिस कॉन्सटेबल के साथ-साथ एक पहलवान भी हैं।

विज्ञापन


Sobhita Dhulipala: शादी की चर्चाओं के बीच शोभिता धुलिपाला ने की 'नकली लेबल' पर बात, पोस्ट देख प्रशंसक हैरान

हमारी फिल्मों के सभी भूत समाज की भ्रांतियां हैं
नीरेन भट्ट ने दिनेश विजान के हॉरर कॉमेडी यूनिवर्स की 'भेड़िया' और 'मुंजा' फिल्म की कहानी भी लिखी है। पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इन हॉरर कॉमेडी फिल्मों के काल्पनिक किरदार समाज की भ्रांतियों को पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि इन फिल्मों में असली भूत लोगों को नहीं डराते और इनमें कॉमेडी ज्यादा है। इस पर नीरेन ने कहा कि इन फिल्मों के सभी भूत समाज की भ्रांतियां हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


John Abraham: कोलकाता डॉक्टर मामले पर बोले जॉन अब्राहम, कहा- लड़कियों को कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन लड़कों..

पॉप कल्चर के संदर्भ का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं नीरेन 
नीरेन भट् कहते हैं कि उन्हें अपनी फिल्मों में पॉप कल्चर के संदर्भ का इस्तेमाल करना काफी पसंद है। उन्होंने 'स्त्री 2' में भी हैरी पॉटर, स्टार वार्स, मिशन इम्पॉसिबल, एवेंजर्स और किंग आर्थर के संदर्भ अलग-अलग सीन में पेश किए हैं। इसी तरह 'भेड़िया' फिल्म में भी टीवी शो 'साथ निभाना साथिया' के डायलॉग पर बने मीम 'रसोड़े में कौन था' का संदर्भ था। नीरेन का कहना है कि ऐसे संदर्भ लोगों को हंसाने का काम करते हैं।

Theatre: सितंबर से शुरू होगा ‘दिल्ली थिएटर फेस्टिवल’ का पांचवा सीजन, शबाना आजमी और नसीरुद्दीन शाह करेंगे मंचन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें