भारतीय सिनेमा में महिलाएं और उनकी कहानियां हमेशा असुरक्षित रही हैं, लेकिन कुछ अभिनेत्रियां और निर्माता अक्सर इस धारणा से परे जाकर बदलाव लाने की कोशिश करते हैं। करीना कपूर , कृति सेनन और तब्बू की फिल्म 'क्रू' इसका एक उदाहरण है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छी कमाई कर रही है। अब हाल ही में, एक साक्षात्कार में कृति ने कहा है कि फिल्म के निर्देशकों को अब महिला प्रधान फिल्मों पर भी अच्छा खासा निवेश करने की जरूरत है।
कृति ने अपने हालिया इंटरव्यू में कहा, “दर्शकों को थिएटर तक खींचने के लिए एक फिल्म का में किसी हीरो का रोल होना बहुत जरूरी नहीं है। काफी लंबे समय से, लोगों ने पुरुष-केंद्रित फिल्मों की तरह महिला प्रधान फिल्मों को अपनाने का जोखिम नहीं उठाया है। उन्हें लगता है कि दर्शक थिएटर नहीं आएंगे और उन्हें पैसे नहीं मिलेंगे। हालांकि, अब समय बदल गया है और लोगों की सोच भी काफी बदल गई है।''
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क्रू की उपलब्धि पर कृति ने कही यह बात
अभिनेत्री 'क्रू' की उपलब्धि को हिंदी सिनेमा के एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखती है। फिल्म 'क्रू' की सफलता पर बात करते हुए कृति ने कहा "यह एक तरह की शुरुआत है। मैं कम से कम एक बदलाव की उम्मीद कर रही हूं। लोगों को ऐसी फिल्मों से बहुत उम्मीदें नहीं हैं। लोगों का विश्वास कम है। चीजों को बदलने के लिए उस विश्वास को मजबूत होने की जरूरत है। यदि आप एक फिल्म में उतना ही निवेश करते हैं जो आप डंकी पर करते हैं तो जाहिर है कि महिला प्रधान फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन करेगी।"
'गंगूबाई काठियावाड़ी' का दिया उदाहरण
संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित आलिया भट्ट की 'गंगूबाई काठियावाड़ी' 2022 की हिट के बारे में बात करते हुए कृति ने कहा कि यह फिल्म भी एक महिला केंद्रित फिल्म थी, लेकिन आज भी लोग इस फिल्म को देखना काफी पसंद करते हैं। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी सफलता का परचम लहराया था।