अभिनेत्री एवं रामपुर की पूर्व सांसद जया प्रदा की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। इस मामले में अभिनेत्री को सिनेमा थिएटर के कर्मचारियों का कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) का बकाया भुगतान नहीं करने पर छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई गई थी। मगर आज गुरुवार 14 दिसंबर को अदालत ने उनकी सजा पर रोक लगा दी है।
पीठ ने जया प्रदा द्वारा दायर की गई अपील पर जारी किया नोटिस
चेन्नई में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जया प्रदा और सह-आरोपी को छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने जया प्रदा द्वारा दायर की गई अपील पर ईएसआईसी को नोटिस जारी किया है। जयाप्रदा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सोनिया माथुर ने दावा किया कि चेन्नई की निचली अदालत द्वारा पारित दोषसिद्धि आदेश पेटेंट संबंधी कमजोरियों से ग्रस्त है।
कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका
बता दें कि अदालत ने मामले में पहले अभिनेत्री को मामले में आत्मसमर्पण करने से छूट दे दी थी। मद्रास हाई कोर्ट ने उन सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसमें प्रधान सत्र न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी गई थी। इन याचिकाओं में जया प्रदा और उनके सहयोगियों पर ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाई गई सजा को निलंबित करने से इंकार कर दिया था।
अभिनेत्री को मिली थी छह महीने की कैद की सजा
मामले में अभिनेत्री के सहयोगी जया प्रदा सिनेमा थिएटर के मालिक थे। चेन्नई में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों को छह महीने की कैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने यह फैसला थिएटर के कर्मचारियों की याचिका पर सुनाया था। शिकायत में कहा गया था, अभिनेता ने उनके ईएसआई योगदान का भुगतान नहीं किया है। पिछले 10 वर्षों से बंद पड़े थिएटर के कर्मचारियों ने कहा कि प्रबंधन उनका ईएसआई भुगतान नहीं किया है। कर्मचारियों ने कहा था कि राज्य बीमा निगम के पास पैसा जमा नहीं कर रहा है।