परिवार को नहीं पसंद थी एक्टिंग
दीपक डोबरियाल एक मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते थे। जब उन्होंने अपने परिवार में एक्टिंग करने की बात कही तो सभी ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया। दरअसल, उनके साथ पढ़ने वाले अधिकतर लड़के अच्छी खासी नौकरी करने लगे थे और दीपक की सरकारी नौकरी करनी की उम्र निकलती जा रही थी। इतना ही नहीं उनके परिवार के लोग अक्सर उनके पिता को ताना भी मारा करते थे। कुछ तो ये तक कह देते थे कि 'दाढ़ी बढ़ाकर बैजू बावरा बना फिरता है'। दीपक ने अपने इंटरव्यू में एक बार बताया था कि लोगों को यहां तक लगने लगा था कि मैं कुछ नहीं करने वाला।
आया नया मोड़
साल 2006 में रिलीज हुई फिल्म ओमकारा में दीपक ने राजन तिवारी का रोल किया था। इस फिल्म में अपनी अदाकारी से वो पहली बार लोगों की नजर में आए। इस फिल्म में उनके रोल के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। दीपक को अब इंडस्ट्री में लोग पहचानने लगे थे।
तनु वेड्स मनु ने बनाया स्टार
साल 2011 में आई फिल्म 'तनु वेड्स मनु' ने दीपक की किस्मत बदल दी। इस फिल्म में दीपक का एक-एक डायलॉग वायरल होने लगा। लोग आज भी उन्हें पप्पी जी के नाम से जानते हैं। इस फिल्म के बाद उन्हें 'दबंग 2' में विलेन गेंदा का यादगार रोल करने को मिला। आज दीपक डोबरियाल बॉलीवुड में अपनी बेहतरीन एक्टिंग के बल पर पहचान बनाने वाले कलाकारों में से एक हैं।