प्रधान ने लिखा कि भविष्य की दृष्टि, स्थानीय जुड़ाव और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ, हम एनईपी के दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदलने और एक अधिक जीवंत शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा- जेईई मेन 2021 को 13 स्थानीय भाषाओं में आयोजित किया गया था, जिसमें असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मराठी, मलयालम, ओडिया, पंजाबी, तमिल और तेलुगु शामिल हैं। जबकि मेडिकल प्रवेश- नीट 2021 को 11 स्थानीय भाषाओं में आयोजित किया गया था। इनमें असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू आदि शामिल हैं।