भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद ने हाल ही श्रीमद् भगवद्गीता को लेकर एक नया पाठ्यक्रम जारी किया है। इस पाठ्यक्रम का नाम- अंडरस्टैंडिंग भगवद्गीता रखा गया है। संस्थान ने कहा है कि इस पाठ्यक्रम में भागवत गीता की मदद से नैतिक प्रबंधन के तरीकों और व्यापार मॉडल के बारे में पढ़ाया जाएगा और इसे बढ़ावा दिया जाएगा।
संस्थान ने कहा कि इस पाठ्यक्रम को शुरू करने का मकसद छात्रों को निर्णय क्षमता, नेतृत्व क्षमता , अभिप्रेरण (मोटिवेशन), रणनीति योजना, समझौते, प्रोत्साहन और समूह निर्माण आदि के बारे में प्रंबंधन की शिक्षा देना है और उनमें इन कौशल का विकास करना है। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए आवेदक के पास कम से कम पांच वर्षों का अनुभव होना चाहिए।
जो भी उम्मीदवार इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के याग्य और इच्छुक हैं, वह इस बात का ध्यान रखें कि पंजीकरण के लिए आखिरी तारीख 29 नवंबर 2021 तक है। वहीं इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को 64 हजार रुपये शुल्क भी जमा करना होगा।
दो हफ्ते है पाठ्यक्रम की अवधि
इस पाठ्यक्रम की समय सीमा दो हफ्तों की होगी, इसमें 6-6 कक्षाएं ली जाएंगी। इसके लिए कक्षा का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से जूम एप्लिकेशन पर किया जाएगा। संस्थान द्वारा कक्षाएं 13 दिसंबर 2021 से लेकर 22 दिसंबर 2021 तक आयोजित की जाएंगी। पाठ्यक्रम में भाग लेने वालों के समय को ध्यान में रखते हुए कक्षा का संमय शाम 6 बजे से लेकर रात 9 बजे तक किया जाएगा।
इस पाठ्यक्रम में मुख्य रूप से श्रीमद् भगवद्गीता के मूल्यों और नैतिक बातों के बारे में पढ़ाया जाएगा, जिससे छात्रों में प्रबंधन के गुणों का विकास होगा। इस पाठ्यक्रम का मुख्य केंद्र उत्कृष्टता और आनंद के साथ व्यवहारिक समझ, कुशल नेतृत्व क्षमता और स्व-प्रबंधन के कौशल को बढावा देना है।
पाठ्यक्रम में 100 फीसदी उपस्थिति दर्ज कराने वाले छात्रों को आखिर में आईआईएम अहमदाबाद द्वारा एक सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम का संचालन प्रोफेसर सुनील माहेश्वरी के द्वारा किया जाएगा। वह छात्रों को श्रीमद् भगवद्गीता की शिक्षाओं को व्यापार में प्रयोग करने की शिक्षा दी जाएगी। श्रीमद् भगवद्गीता में कई अध्याय ऐसे हैं जिसमें नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने को लेकर शिक्षा दी गई है।