इस साल 2.27 लाख से अधिक छात्रों ने हरियाणा बोर्ड कक्षा12वीं की परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। परीक्षाएं अप्रैल और मई के महीनों में आयोजित होने वाली थीं। हालांकि, कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण इन्हें रद्द कर दिया गया था। रद्द करने की घोषणा के बाद, बोर्ड ने जुलाई 2021 के महीने में मूल्यांकन मानदंड जारी किए थे। मानदंड केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के मूल्यांकन फॉर्मूले के समान थे।
ऐसे हुआ 12वीं का मूल्याकंन
हरियाणा बोर्ड के मूल्यांकन मानदंड के अनुसार, कक्षा 12वीं के परिणाम तैयार करते समय कक्षा 10वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाओं और 12वीं की अर्द्धवार्षिक एवं प्री बोर्ड के अंकों पर विचार किया जाएगा। वेटेज पॉलिसी बताती है कि 10वीं कक्षा के 30% अंक, 11वीं कक्षा के 10% अंकों पर विचार किया जाएगा।
जबकि 60% अंकों का बड़ा हिस्सा कक्षा 12वीं की आंतरिक परीक्षा और व्यावहारिक परीक्षा पर निर्भर है। कक्षा 11वीं के अंकों को केवल 10% का न्यूनतम वेटेज मिल रहा है, क्योंकि एचबीएसई की ओर से 2020 में कोरोना संक्रमण के कारण परीक्षा आयोजित नहीं की गई थी।
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