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GIT Study में दावा : स्कूलों में हाइब्रिड लर्निंग, कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड रोकने में होगी मददगार

Fri, 29 Apr 2022 08:23 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

GIT Study:हाल ही में सबसे नया दावा सामने आया है कि स्कूलों में हाइब्रिड लर्निंग, कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड रोकने में मददगार हो सकती है। यह दावा जीआईटी यानी जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अमेरिका के शोधकर्ताओं ने किया है।  
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कोरोना की तीसरी लहर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कोरोना महामारी का जब से दौर शुरू हुआ है एक के बाद एक कई अलग-अलग स्टडी और शोध रिपोर्टों में अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। हाल ही में सबसे नया दावा सामने आया है कि स्कूलों में हाइब्रिड लर्निंग, कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड रोकने में मददगार हो सकती है। यह दावा जीआईटी यानी जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अमेरिका के शोधकर्ताओं ने किया है। इस स्टडी से संबंधित रिपोर्ट हाल ही में बीएमसी पब्लिक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित की गई है। 

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बीएमसी पब्लिक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित शोध में दावा किया गया है कि अमेरिका में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, बच्चों के लिए बारी-बारी से स्कूल जाने के दिनों की पद्धति का उपयोग करने वाली हाइब्रिड लर्निंग कोविड-19 के सामुदायिक प्रसार में उल्लेखनीय कमी ला सकती है। अध्ययन से पता चलता है कि रिमोट लर्निंग और स्कूल बंद करने की तुलना में, हाइब्रिड विकल्प थोड़ा अतिरिक्त लाभ प्रदान करता है।  
 

कोरोना की अगली लहर रोकने में होगी मददगार

शोधकर्ताओं ने कहा कि इस खोज से प्रशासन और नीति निर्माताओं को कोरोना की संभावित एक और लहर या इसी तरह पुन: वैश्विक संक्रामक महामारी की भयावह स्थिति आदि को रोकने में मदद मिलेगी। जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अमेरिका के प्रोफेसर और स्टडी के मुख्य रिसर्चर पिनार केस्किनोक ने कहा कि महामारी की शुरुआत में जब स्कूल बंद कर देना एक आसान और सर्वश्रेष्ठ विकल्प बन रहा था, तो कई प्रोफेशनल और विशेषज्ञों ने इस विकल्प के नुकसान को लेकर आवाज भी उठाई थी। 
 

अलग-अलग दिन अलग-अलग कक्षाओं की रणनीति प्रभावी

कोरोना के प्रसार के एक एजेंट-आधारित सिमुलेशन मॉडल का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने विभिन्न स्कूल फिर से खोलने की रणनीतियों के प्रभाव का अनुमान लगाया। इनमें स्कूलों को पूर्ण रूप से बंद करना, स्कूल को अलग-अलग दिन पर कक्षाओं के लिए खोलना, जहां एक समूह सप्ताह में दो बार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो, और दूसरा समूह विपरीत दिनों में उपस्थित हो, आदि को लेकर सशर्त रिसर्च ट्रायल किए गए। शोधकर्ताओं ने कहा कि इनके परिणामों से पता चला कि रोजाना चलने वाले स्कूलों की तुलना में, अलग-अलग दिन अलग-अलग कक्षाएं चलाने की रणनीति के साथ संक्रमितों संख्या का प्रतिशत 13, 11, 9 और 06 फीसदी तक कम हो गया। 
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हाइब्रिड लर्निंग मोड ज्यादा फायदेमंद रहेगा

शोधकर्ताओं ने कहा कि सभी मामलों में यह धारणा थी कि वायरस से संक्रमित व्यक्ति घर पर ही रहेंगे। हाइब्रिड की तुलना में पूरी तरह स्कूल बंद रखना अपेक्षाकृत कम फायदेमंद है। शोधकर्ताओं ने कहा कि नियमित तौर पर फिर से खोलने की रणनीति से संक्रमितों और मौतों की संख्या बढ़ोतरी हो सकती है। इसकी तुलना में हाइब्रिड लर्निंग मोड यानी कुछ दिन ऑनलाइन और कुछ दिन ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन लाभदायक हो सकता है। 
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