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दिल्ली विश्वविद्यालय: सुषमा स्वराज के नाम पर खुल सकता है नया कॉलेज, वीर सावरकर पर भी हो रहा विचार-विमर्श

Sun, 08 Aug 2021 09:46 AM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

विश्वविद्यालय कुछ अन्य स्थानों पर भी ऐसे केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहा है
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सुषमा स्वराज (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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दिल्ली विश्वविद्यालय, फतेहपुर बेरी में अपने आगामी कॉलेज का नाम दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज के नाम पर रखने पर विचार कर रहा है। यह जानकारी विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा दी गई है। हालांकि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। कॉलेज के नाम को विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद और कार्यकारी परिषद द्वारा अंतिम रूप दिया जाएगा।

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अन्य नामों पर भी हो रहा है विचार
अधिकारी ने बताया कि इस वक्त सुषमा स्वराज के साथ कुछ अन्य नामों का भी प्रस्ताव किया गया है। विश्वविद्यालय, स्वामी विवेकानंद और वीर सावरकर के नामों पर भी विचार कर रहा है। वहीं डीयू के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता के मुताबिक फतेहपुर बेरी के भट्टी कलां गांव में एक सुविधा केंद्र और प्रस्तावित कॉलेज का नाम अभी तय नहीं हुआ है। अभी यह भी तय नहीं है कि आने वाला कॉलेज को-एड होगा या महिला कॉलेज।

रविवार को होगा शिलान्यास

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान रविवार को जिला प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय को आवंटित 40 बीघा जमीन पर सुविधा केंद्र का शिलान्यास करेंगे। जानकारी के मुताबिक इस मौके पर बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी भी मौजूद रहेंगे। अधिकारियों की माने तो विश्वविद्यालय कुछ अन्य स्थानों पर भी ऐसे केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहा है।

दिल्ली विश्वविद्यालय ने पौधा रोपण किया अनिवार्य

दिल्ली विश्वविद्यालय ने एक नया और अभिनव कदम उठाकर पर्यावरण शिक्षा से जमीनी स्तर पर पर्यावरणीय कार्रवाई की ओर बढ़ गया है। आगामी शैक्षणिक सत्र से अब डीयू के प्रत्येक छात्र को अपने अध्ययन के दौरान देश में कहीं भी कम से कम एक पेड़ लगाना अनिवार्य होगा। यह स्नातक, स्नातकोत्तर और एम.फिल./पीएचडी स्तर के विद्यार्थियों पर लागू होगा। 
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भारत में प्रति व्यक्ति केवल 28 पेड़, कनाडा में यह आंकड़ा 8000 से अधिक

सेंटर फॉर हिमालयन स्टडीज के निदेशक और इस प्रस्ताव को पेश करने वाले वनस्पतिशास्त्री प्रोफेसर दीनाबंधु साहू ने कहा कि आज हम एक बड़े बायोस्फीयर संकट का सामना कर रहे हैं और भारत में प्रति व्यक्ति केवल 28 पेड़ उपलब्ध हैं, जबकि वैश्विक औसत 422 प्रति व्यक्ति है। कनाडा में 8,953 और चीन में प्रति व्यक्ति 130 पेड़ हैं।
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