- नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) की चेयरपर्सन सतबीर बेदी के अनुसार, नई पीढ़ी के स्टूडेंट्स में तनाव व ऐसी अन्य मानसिक समस्या जल्दी हो जाती है। इनसे निपटने और छात्र-छात्राओं की समस्याएं सुलझाने के लिए हमें इस कार्य में प्रशिक्षित लोगों की जरूरत है। स्कूल और कॉलेज दोनों स्तरों पर। अभी जो बीएड कोर्स चलाए जा रहे हैं, उनमें शिक्षकों में काउंसलिंग स्किल विकसित करने का प्रावधान नहीं है। हम जल्द ही बीएड इन काउंसलिंग कोर्स भी लाएंगे।
- बीएड इन काउंसलिंग कोर्स देशभर के करीब 18 हजार संस्थानों में शुरू किए जाएंगे।
- जिन अभ्यर्थियों ने साइकोलॉजी या इससे संबंधित पढ़ाई की होगी, वे बीएड इन काउंसलिंग के लिए योग्य होंगे।
मॉडल बीएड कॉलेज
सतबीर बेदी ने बताया है कि एनसीटीई हर जिले में एक मॉडल बीएड कॉलेज बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। यह मॉडल कॉलेज जिले के अन्य कॉलेजों के लिए आदर्श उदाहरण पेश करने का काम करेगा। उनका मार्गदर्शन करेगा। ऐसे करीब 700 कॉलेज बनाए जाएंगे जिनमें 70 हजार से ज्यादा शिक्षकों को प्रशिक्षण मिल सकेगा।
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विदेशों में बीएड की शिक्षा
आने वाले समय में बीएड स्टूडेंट्स को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का भी अवसर मिलेगा। सतबीर बेदी के अनुसार, इससे स्टूडेंट्स को ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा। जैसे दुनिया के कई देशों में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल संचालित हो रहे हैं, उसी तरह हम चाहते हैं कि एनसीटीई से मान्यता प्राप्त बीएड कॉलेज भी विदेशों में शिक्षा देने का काम करें। इसके तहत स्टूडेंट्स एक्सचेंज प्रोग्राम भी चलाए जा सकेंगे।
एनसीटीई चेयरपर्सन सतबीर बेदी के अनुसार, देश में हर साल करीब 19 लाख विद्यार्थी / शिक्षक बीएड पास करते हैं। जबकि हमारे देश में सिर्फ तीन लाख शिक्षकों की जरूरत है। डिमांड और सप्लाई में बड़ा अंतर है। इस अंतर को जल्द से जल्द कम करना काउंसिल की जरूरत है।
क्या है एनसीटीई वेब पोर्टल
बता दें कि मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी हाल में ही एनसीटीई वेब पोर्टल लॉन्च किया है। यहां टीचर एजुकेशन से जुड़े डिप्लोमा, सर्टिफिकेट व डिग्री के दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच हो सकेगी। जो स्टूडेंट्स बीएड या टीचिंग कोर्स कर रहे हैं, उन्हें अब दस्तावेजों के लिए एनसीटीई कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। ये चीजें अब उन्हें इस वेब पोर्टल के जरिए मिल जाएंगी।
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