हाल ही में असम चुनावों के दौरान अनुच्छेद-244 (क) का मुद्दा फिर चर्चाओं के केंद्र में है। असम में कुछ राजनीतिक दलों की ओर से आर्टिकल-244 (ए) को लागू करने का वादा किया जा रहा है। इस अनुच्छेद के लागू हो जाने के बाद असम के विभाजन का रास्ता साफ हो सकता है। इसलिए, कुछ दल इसका विरोध कर रहे हैं।
हाल ही के वर्षों में जहां केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के उपबंध हटाए जाने को लेकर काफी राजनीतिक उलथ-पुथल हुई थी। वहीं, इसके उलट अब देश की सबसे पुरानी पार्टी के शीर्ष नेता द्वारा असम चुनावों के बीच अनुच्छेद-244 (क) को लागू करने की बात कही है। आइए जानते हैं क्या है अनुच्छेद-244 (क)? क्या है इसका इतिहास? इसके लागू होने पर क्या बदलेगा? और क्या विभाजित हो पाएगा असम?
अनुच्छेद-244 (क)
- अनुच्छेद-244 (क) या आर्टिकल-244 (ए) को 22वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1969 के माध्यम से संविधान में शामिल किया गया था।
- यह अनुच्छेद संसद को असम के कुछ जनजातीय और अनुसूचित क्षेत्रों को मिलाकर एक स्वायत्त राज्य का गठन करने की शक्ति प्रदान करता है।
- अनुच्छेद-244 (क) के जरिये स्थानीय प्रशासन के लिए एक स्थानीय विधायिका या मंत्रिपरिषद अथवा दोनों की स्थापना भी की जा सकती है।
- अनुच्छेद-244 (क) छठी अनुसूची के मुकाबले आदिवासी क्षेत्रों को अधिक स्वायत्त शक्तियां प्रदान करता है।
- अनुच्छेद-244 (क) की सबसे महत्त्वपूर्ण शक्ति कानून व्यवस्था पर नियंत्रण की है।