विवेक विहार के कस्तूरबा नगर इलाके में महिला के साथ हुई हैवानियत के मामले में उसकी छोटी बहन ने दावा किया है कि आरोपी बहन के तीन साल के बच्चे को भी अगवा कर उसे मारना चाहते थे। लेकिन जैसे ही उसकी बहन बेटे को लेकर मकान से बाहर निकली, आरोपी महिलाएं व लड़के उस पर टूट पड़े। छोटी बहन ने मासूम को अपनी गोद में ले लिया। कुछ महिलाएं पीड़िता के बच्चे को भी उठाकर साथ ले चलने और मारने की बात कर रही थीं।
एक महिला ने बहन के साथ से उसका मोबाइल छीन लिया। 18 वर्षीय बहन फौरन वहां से पीड़िता के बच्चे को लेकर भागी। कड़कड़डूमा मेट्रो स्टेशन के पास वह एक ई-रिक्शा में सवार हुई और अपने एक जानकार के यहां कस्तूरबा नगर ही पहुंच गई। डर की वजह से किसी से कुछ नहीं कह सकी। जीजा का नंबर उसे याद नहीं था, इसलिए वह जीजा को कॉल भी नहीं कर सकी।
पीड़िता की बहन ने बताया कि घटना वाले दिन पीड़िता के यहां आटा खत्म हो गया था। उसकी बहन ने कॉल कर आटा दे जाने की बात की थी। वह एक बैटरी रिक्शा से आटा लेकर कड़कड़डूमा गांव के मकान में पहुंची। नीचे से ही उसने बहन को आवाज देकर बुला लिया। उस समय दोपहर के 12.00 बजे थे। जैसे ही उसकी दीदी नीचे पहुंची अचानक पीछा कर आए महिलाओं व लड़कों ने उसे पकड़ लिया और जबरन मारते-पीटते हुए ऑटो में बिठा लिया।
महिलाएं अपने साथ कैंची भी लेकर आई थीं। उन्होंने रास्ते में ही उसकी बहन के बाल काटना शुरू कर दिया था। पीड़िता की बहन का कहना है कि बाद में उसे दीदी के साथ हुई हैवानियत का पता चला। उसका कहना है कि रोजाना ही आरोपी महिलाएं उसको घर धमकाकर बहन का पता बताने के लिए कहकर जाती थीं। इसलिए बहन आरोपियों से छिपकर कड़कड़डूमा गांव में रहती थी।