नई दिल्ली। खुद को एनआरआई बताकर शादी का झांसा देकर 100 से अधिक महिलाओं से करीब 25 करोड़ की ठगी के आरोप में पुलिस ने दो नाइजीरियन समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान लॉरेंस चिके नालुआ (30), अयोटुंडे ओकुंडे उर्फ एलेक्स (34) और दिल्ली निवासी दीपक दीक्षित (29) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 डेबिट कार्ड, पांच स्वाइप मशीन, एक लैपटॉप और एक टैबलेट बरामद किया है। आरोपी मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अलग-अलग प्रोफाइल बनाकर 35 वर्ष या अधिक उम्र की महिलाओं को शादी का प्रस्ताव भेजते थे। इसके बाद कोई मजबूरी बताकर मोटी रकम ऐंठ लेते थे। ठगी के बाद मोबाइल नंबर बंद कर देते थे।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि जगतपुरी थाने में शालू (35) (बदला हुआ नाम) ने ठगी की शिकायत दी थी। पीड़िता ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया था। एक युवक ने खुद को एनआरआई बताकर उससे संपर्क किया। दोनों एक दूसरे से चैट करने लगे। इसके बाद आरोपी ने उसे व्हाट्सएप कालिंग शुरू कर दी। कुछ दिनों बाद आरोपी ने खुद को परेशान बताकर पीड़िता से रुपये मांगना शुरू कर दिया। पीड़िता को जज्बाती कर आरोपी ने धीरे-धीरे रुपये एेंठना शुरू कर दिए। शालू ने जूलरी गिरवी रख लोन लेकर आरोपी के बताए हुए खातों में ट्रांसफर कर दिए। काफी दिनों तक यह सिलसिला चला। आरोपी ने पीड़िता से करीब 15 लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद भी जब वह रुपये मांगने लगा तो पीड़िता को शक हुआ। पीड़िता ने पूछताछ की तो आरोपियों ने मोबाइल फोन बंद कर लिया। लंबी जांच के बाद पुलिस ने दोनों नाइजीरियन और दिल्ली निवासी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने देशभर की 100 से अधिक महिलाओं से 25 करोड़ रुपये ठगी की बात स्वीकार की।
कभी डॉक्टर तो कभी बनते थे कारोबारी
आरोपी एलेक्स और लॉरेंस ने ठगी के लिए अलग-अलग मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाई थी। अपनी अलग-प्रोफाइल में वह खुद को एनआरआई डॉक्टर, इंजीनियर या बड़ा कारोबारी बताते थे। आमतौर पर वह 35 से ज्यादा उम्र की महिलाओं से संपर्क करते थे। धीरे-धीरे बातचीत कर उनसे संपर्क बढ़ाने के बाद आरोपी कभी विदेश से महंगे तोहफे भेजने के नाम पर तो कभी कोई मजबूरी बताकर पीड़िताओं से पैसे ऐंठते थे।
देश भर के अलग-अलग राज्यों में खोल रखे थे 35 खाते
आरोपी ठगी की ज्यादातर रकम आरोपी नाइजीरिया भेज दिया करते थे। वहीं आरोपियों ने फर्जी पतों के आधार पर देश के अलग-अलग राज्यों में 35 बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों में रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। दिल्ली निवासी दीपक दोनों नाइजीरियन को बैंक खाते और स्वाइप मशीन उपलब्ध कराता था। बदले में वह 10 फीसदी कमीशन लेता था। पुलिस पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।