नई दिल्ली। शालीमार बाग में रविवार रात दवाई खाने के बाद मासूम भाई और बहन की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बच्चों के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही व दिल्ली मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है। पुलिस शवों का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाएगी।
मृत बच्चों की पहचान छह साल की लक्ष्मी और तीन साल के विशाल के रूप में हुई है। वह मां नंदा देवी और पिता मन बहादुर के साथ शालीमार बाग के सहीपुर गांव में रहते थे। मूलरूप से नेपाल निवासी मन बहादुर दस साल से दिल्ली में रह रहा है और गार्ड की नौकरी करता है। मन बहादुर ने बताया कि रविवार को उसके दोनों बच्चों को उल्टी-दस्त की समस्या हुई। पत्नी दोनों बच्चों को सहीपुर मार्केट में स्थित एक क्लीनिक में ले गई। डॉक्टर ने दवा दे दी। घर आने के बाद नंदा देवी ने दोनों बच्चों को दवा खिला दी, लेकिन कुछ देर में बच्चों की हालत खराब हो गई। दोनों बच्चे बेहोश हो गए थे। दंपति बच्चों को लेकर उसी डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंचा, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिला। वहां पता चला कि बच्चों की मौत हो चुकी है।
रात करीब 11 बजे सूचना मिलते ही पुलिस शुभम डायग्नोसिस सेंटर पर पहुंची, जहां कॉल करने वाला शख्स मन बहादुर मिला। मन बहादुर ने पुलिस को बताया कि डॉक्टर की लापरवाही से दोनों बच्चों की मौत हुई है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर शवों को कब्जे में लेकर बाबू जगजीवन राम अस्पताल के मोर्चरी में भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।