दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की नारकोटिक्स सेल ने यूपी के बरेली से गांजा लाकर एनसीआर में सप्लाई करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर मादक पदार्थ तस्कर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रक में सब्जियों की कैरेट के बीच में गांजे को छिपाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 50 लाख रुपये की कीमत का गांजा बरामद किया है। आरोपी काफी लंबे समय से गांजे की तस्करी कर रहे हैं। पुलिस गिरोह सरगना की तलाश कर रही है।
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता व नारकोटिक्स सेल के डीसीपी चिन्मय बिश्वाल के अनुसार सेल में तैनात इंस्पेक्टर जयभगवान को सूचना मिली है कि यूपी नंबर के ट्रक में भारी मात्रा में गांजा मजनू का टीला लाया जा रहा है। एसीपी मयंक बंसल की देखरेख में इंस्पेक्टर जयभगवान व एसआई लेखराज की टीम ने वजीराबाद फ्लाईओवर के पास घेराबंदी कर ट्रक को रुकवाया। ट्रक से 300 किलो गांजा बरामद किया गया है। टाटा ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है।
ट्रक ड्राइवर ने बताया कि गांजे को लोधी टोला ओल्ड सिटी बरेली, यूपी निवासी शाजेब चौधरी (23) ने किराए पर लिया था और वही सामान ला रहा था। पुलिस ने ट्रक में बैठे शाजेब चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। शाजेब चौधरी ने बताया कि गिरोह सरगना अकरम उर्फ राजू उर्फ फैम कार में ट्रक के पीछे बरेली से आ रहा है। अकरम ने उसे गांजे को दिल्ली पहुंचाने को कहा था। सरगना तो फरार हो गया, मगर कार चालक सुनील उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया। सुनील भी गांजे की तस्करी में शामिल था। उसने बताया कि उसकी कार अकरम ने किराए पर ली थी। शाजेब ने बताया कि गांजे को उड़ीसा से बरेली मंगाया जाता था और बरेली से दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किया जाता था।
दिल्ली पुलिस ने तोड़ा दो वर्ष का रिकॉर्ड
दिल्ली पुलिस ने गांजे बरामदगी में दो वर्षों को रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस वर्ष 8568.867 किलो गांजा बरामद किया जा चुका है। जबकि वर्ष 2020 में 4396.329 किलो और वर्ष 2019 में 5447.432 किलो गांजा बरामद किया गया था।