दिल्ली में तीन लोगों का समूह ऐसा भी है जो पिछले 11 सालों से संगीत से लेकर नृत्य के गुण सिखा रहे हैं। पेशे से वकील देविका, फोटोग्राफर श्रेय और साउंड इंजीनियर ललित बच्चों के भविष्य को संवार रहे हैं। वर्तमान में कुछ बच्चे मल्टीनेशनल कंपनी से लेकर अन्य कंपनी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। देविका ने बताया कि वह कॉलेज के समय से स्लम में पहुंच बच्चों को पढ़ाने के लिए जाती थी।
वहीं, ललित और श्रेय भी बच्चों को संगीत सीखाने के लिए पहुंचते थे। तब से तीनों मिलकर रिदम ऑफ लाइफ की स्थापना की और बच्चों के भविष्य को संवारने की ठानी। वर्तमान में इनकी पाठशाला में 500 से अधिक बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। बच्चों को शिक्षा के अलावा मंचन, संगीत, अंग्रेजी भाषा, मैथ्स व साइंस को प्रायोगिक विषयों के साथ अध्ययन कराया जाता है। यही नहीं बच्चों के अभिभावकों व अन्य लोगों टेलरिंग से लेकर कढ़ाई का काम सीखाया जाता है। देविका ने बताया कि हाल ही में बच्चों के समूह में से 12वीं कक्षा के एक बच्ची ने 92 फीसदी अंक भी हासिल किए हैं।
एक हजार से अधिक बच्चों में उजियारा फैला रही शिक्षा की बस
दिल्ली में तेजस एशिया समूह बसों के माध्यम से स्लम के बच्चों में शिक्षा पहुंचा रहे हैं। इसके लिए दिल्ली की अलग-अलग सात जगहों पर बसों से पहुंच बच्चों को शिक्षा के साथ पोषण के लिए खाना भी दिया जा रहा है। वर्तामान में समूह की ओर से एक हजार से अधिक वंचित बच्चों की मदद की जा रही है। इनके लिए प्रतिदिन समूह की बसें स्लम क्षेत्रों में पहुंच बसों को प्राथमिक शिक्षा का ज्ञान दे रही है। तेजस एशिया के संस्थापक मार्लो फिलीप के मुताबिक, मर्सी मोबाइल क्लीनिक के माध्यम से 30 से अधिक समुदायों में अपनी सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। अगले दो वर्षों में तेजस का दो हजार बच्चों तक शिक्षा व खाना पहुंचाने का लक्ष्य है।