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दिल्ली: पूर्व मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की याचिका खारिज, निचली अदालत के आदेश को दी थी चुनौती

Wed, 08 Jun 2022 05:19 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एमपी/एमएलए कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव अंशु प्रकाश द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव अंशु प्रकाश द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका में इस मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी। 

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यह 2018 में सीएम कैंप कार्यालय में एक बैठक के दौरान अंशु प्रकाश पर कथित हमले से संबंधित है।  दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने इस मामले में सभी को आरोप मुक्त किये जाने के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अर्जी दायर की थी।

इससे पहले इस याचिका की सुनवाई के दौरान प्रकाश की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल से बताया था कि निचली अदालत ने मामले में राजनेताओं को आरोप मुक्त करने के फैसले में गलती की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि आप सरकार ने जांच एजेंसी के लिखित अनुरोधों के बावजूद दिल्ली पुलिस को निचली अदालत के आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दायर करने की अनुमति नहीं दी।
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उन्होंने आरोप लगाया था कि केजरीवाल और सिसोदिया इस साजिश में लिप्त थे। इसके तहत 11 विशिष्ट विधायकों को रात 12 बजे सीएम आवास पर बुलाया गया था। बैठक विशेष रूप से सीएम के एक ड्राइंग रूम में रखी गई थी, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे।  

विधायकों को मुख्य सचिव के आगमन समय से एक घंटे पहले उपस्थित होने के लिए बुलाया गया था। बैठक किसी एजेंडा के बगैर बुलाई गई थी और इसमें संबंधित अधिकारियों और मंत्रियों को गोपनीयता बनाए रखने के लिए नहीं बुलाया गया था। इसी बैठक के दौरान अंशु प्रकाश के साथ मारपीट हुई थी।

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