दिल्ली में यमुना में डेढ़ दर्जन से ज्यादा बड़े सीवर वाले नाले आकर मिलते हैं। इससे यमुना का जल इतना दूषित हो जाता है कि यह किसी योग्य नहीं रह जाता। इसके आसपास जाने पर भी इसमें से बदबू आती है, जिससे लोग इसके आसपास जाने से भी बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन अगर दिल्ली सरकार की योजना कामयाब रही तो जल्दी ही यमुना का पानी बदबू से रहित हो जाएगा। इसके साथ ही यमुना में गिरने वाले नालों को जल शुद्ध करने की बेहतर व्यवस्था देकर उसे इस्तेमाल करने योग्य बनाया जाएगा।
आधुनिक तकनीकी से साफ होगा जल
दिल्ली जल बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के बाद दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि जैविक गंध नियंत्रण संयंत्र लगाकर यमुना के जल की बदबू को रोकने का प्रयास किया जाएगा। नालों में फ्लोटिंग एयररेटर सिस्टम लगाए जाएंगे। आधुनिक तकनीकी से यमुना के जल की गंदगी को दूर कर उसे इस्तेमाल योग्य बनाया जाएगा।
दिल्ली में जल प्रदूषण की समस्या होगी खत्म
दिल्ली सरकार की योजना है कि यमुना में गिरने वाले नालों के पानी को वैकल्पिक जगहों पर रोककर उसको आधुनिक तकनीकी से साफ कर दिया जाए। इससे इस जल को पार्कों में सिंचाई, गाड़ियों की धुलाई और सड़कों के किनारे लगे पौधों की सिंचाई के लिए उपयोग किया जा सके। अगर यह योजना कामयाब रहती है तो इससे दिल्ली में जल प्रदूषण की बड़ी समस्या हल हो सकती है।