याचिका के अनुसार जैन केवल कच्चे फलों, सब्जियों और सूखे मेवों पर जीवित रह रहे हैं। याचिका में इस तथ्य पर जोर दिया गया है कि जैन एक विचाराधीन कैदी हैं और इस तरह से उन्हें अपनी धार्मिक मान्यताओं को भूखा या त्यागने के लिए नहीं बनाया जा सकता है और बुनियादी चिकित्सा से वंचित नहीं किया जा सकता है। पहले वजन 103 था और अब 75 किलो है।
जेल में बंद दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने मीडिया को अपनी जेल की कोठरी के अंदर से कोई भी फुटेज चलाने से रोकने के निर्देश देने की मांग को लेकर अदालत में आवेदन दायर किया है। अदालत ने जेल अधिकारियों से बृहस्पतिवार तक जवाब दाखिल करने को कहा है। दूसरी तरफ अदालत ने अगले आदेश तक सत्येंद्र जैन को पहले के समान धार्मिक मान्यताओं के तहत खाना देने का निर्देश दिया है।
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जैन की ओर से विशेष न्यायाधीश विकास ढुल के समक्ष पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि मंगलवार को मामले की सुनवाई के बावजूद बुधवार सुबह एक और फुटेज लीक हो गया। उन्होंने एक विशेष दिन और विशेष समय लिया है और दिखाया है कि जेल में कुछ बड़ी बात चल रही है, कृपया हर चीज का परीक्षण करें, हम भाग नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर रोज एक वीडियो लीक किया जा रहा था।
क्या यह मीडिया ट्रायल है। मेरे सारे अधिकार हवा में उड़ा दिए गए हैं। विशेष न्यायाधीश से उन्होंने मीडिया पर लगाम लगाने और यह जांच करने की मांग की गई कि वीडियो कैसे लीक हो रहा है। अदालत जैन की उस याचिका पर भी सुनवाई कर रही है, जिसमें तिहाड़ जेल के अधिकारियों पर उनकी धार्मिक आस्था के अनुसार उन्हें बुनियादी खाद्य सामग्री उपलब्ध नहीं कराने और मेडिकल जांच से इन्कार करने का आरोप लगाया गया था।
याचिका के अनुसार जैन केवल कच्चे फलों, सब्जियों और सूखे मेवों पर जीवित रह रहे हैं। याचिका में इस तथ्य पर जोर दिया गया है कि जैन एक विचाराधीन कैदी हैं और इस तरह से उन्हें अपनी धार्मिक मान्यताओं को भूखा या त्यागने के लिए नहीं बनाया जा सकता है और बुनियादी चिकित्सा से वंचित नहीं किया जा सकता है। पहले वजन 103 था और अब 75 किलो है। मेहरा ने खाद्य सामग्री की आपूर्ति नहीं होने के कारण जैन के वजन घटने का जिक्र करते हुए कहा कि पहले वजन 103 था और अब 75 है।
जेल अधिकारियों द्वारा विस्तृत जवाब दाखिल करने के बाद इस संबंध में सुनवाई बृहस्पतिवार भी जारी रहेगी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर जैन की जेल की कोठरी के अंदर से मीडिया को फुटेज लीक करने का आरोप लगाते हुए मेहरा ने मंगलवार को अदालत से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया था कि उनकी निष्पक्ष सुनवाई हो। कोर्ट ने ईडी के खिलाफ अवमानना याचिका पर 28 नवंबर को सुनवाई जारी रखने पर सहमति जताई है।