श्रद्धानंद कॉलोनी पर लैंडफिल साइट का मलबा गिरने की खबर आग की तरह इलाके में फैल गई। आनन-फानन में स्थानीय पुलिस के साथ उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आला अधिकारी महापौर राजा इकबाल सिंह व स्थायी समिति अध्यक्ष जोगीराम जैन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
भलस्वा लैंडफिल साइट का एक हिस्सा सोमवार को सुबह सात बजे अचानक खिसकर नीचे आ गया। लैंडफिल साइट से सटी श्रद्धानंद कॉलोनी के कई घर मलबे के नीचे दब गए। करीब घंटे भर मलबा हटाने के इन घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में किसी की जान नहीं गई।
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श्रद्धानंद कॉलोनी पर लैंडफिल साइट का मलबा गिरने की खबर आग की तरह इलाके में फैल गई। आनन-फानन में स्थानीय पुलिस के साथ उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आला अधिकारी महापौर राजा इकबाल सिंह व स्थायी समिति अध्यक्ष जोगीराम जैन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उत्तरी निगम के स्थायी समिति अध्यक्ष जोगीराम जैन ने बताया कि सुबह सात बजे लैंडफिल साइट के ऊपर से मलबे का कुछ हिस्सा टूटकर नीचे आ गया।
मलबा पास की श्रद्धानंद कॉलोनी की बाउंड्री को पार करके पक्की झुग्गियों तक जा पहुंचा। मलबा गिरने से श्रद्धानंद कॉलोनी के साथ-साथ पास की चंद्रशेखर कॉलोनी का मुख्य रास्ता भी बंद हो गया। मलबे के चलते लोगों के घरों के दरवाजे बंद हो गए थे। सबसे पहले घरों के आस-पास का मलबा हटाकर लोगों को छतों के ऊपर से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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चार जेसीबी और दो पोकलैन मशीनों ने हटाया मलबा
उत्तरी निगम ने मलबा हटाने के लिए चार जेसीबी मशीनें और दो पोकलैन मशीनें लगाई थीं। सुबह से लगातार शाम चार बजे तक मलबा साफ करने का सिलसिला जारी था। श्रद्धानंद कॉलोनी व यहां की दूसरी कॉलोनियों में जाने के 12 फुट चौड़े मुख्य रास्ते को भी शाम तक साफ कर दिया गया था।
बड़ा हादसा होते-होते टल गया
1 सितंबर 2017 को गाजीपुर लैंडफील्ड पर कूड़े के पहाड़ का एक हिस्सा भरभरा कर ऐसे ही गिर गया था। इस हादसे में 2 लोगों की मौत और 5 लोग घायल हो गए थे। फिलहाल भलस्वा लैंडफिल साइट पर भी इसी तरह का हादसा होते-होते टल गया।
जबकि तेजी से घट रही कूड़े के पहाड़ की लंबाई
दिल्ली में एक समय भलस्वा लैंडफिल साइट की ऊंचाई करीब 60 मीटर, गाजीपुर लैंडफिल साइट की ऊंचाई करीब 65 मीटर और ओखला लैंडफिल साइट की ऊंचाई करीब 55 मीटर पहुंच गई थी। निगम का दावा है कि ट्रामल मशीनें लगाकर तेजी से तीनों ही लैंडफिल साइटों से कचरे का निपटारा किया जा रहा है। निगम के अनुसार तीनों लैंडफिल साइटों की करीब 15 मीटर ऊंचाई घट चुकी है।