सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को भी मिली थी धमकी
इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के कई वकीलों ने दावा किया कि उन्हें धमकी वाले रिकॉर्डेड संदेश के साथ अंतरराष्ट्रीय कॉल आया है। इसमें उनसे प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में चूक मामले को सुप्रीम कोर्ट में नहीं उठाने और मामले की सुनवाई में मदद नहीं करने की धमकी दी गई है। दावा किया जा रहा है कि यह कॉल सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) की ओर से आया है। इस संदेश में पिछले बुधवार को पंजाब में मोदी का काफिला रोकने की जिम्मेदारी भी ली गई।
रिकॉर्डेड संदेश में यह दावा भी किया गया कि 1984 के दंगों के दौरान सिख समुदाय के सदस्यों की हत्याओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पर्याप्त नहीं है। वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने इस प्रकरण की एनआईए जांच की मांग की है। उन्होंने ट्वीट किया, सिख फॉर जस्टिस यूएसए द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एओआर (एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड) को भेजे गए ऑडियो को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ऑडियो प्रचार से प्रेरित या दोषियों के निशान को धुंधला करने के लिए एक धोखा हो सकता है, लेकिन चूंकि इसमें सुप्रीम कोर्ट जजों व एओआर के लिए परोक्ष खतरा है इसलिए एनआईए को इसकी तुरंत जांच करनी चाहिए।