अखबार सिर्फ आप तक खबरें पहुंचाने का माध्यम नहीं हैं, यह जिंदगी भी बदल सकते हैं। कभी प्रेरणा बनकर तो कभी जरूरी जानकारियों के जरिए हमारी मंजिल की राह दिखाते हैं। यही अखबार समाज में सतर्कता और सहायता का जज्बा भी भरते हैं, तो हारे हुए को जीत जाने का मनोबल भी देते हैं। अमर उजाला ने 15 से 30 जुलाई तक यह जानने के लिए एक अभियान चलाया कि अखबार हमारी जिंदगी को किस तरह प्रभावित करते हैं। सैकड़ों लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। इनमें से 10 उन लोगों को पुरस्कार के लिए जूरी ने चुना है जिनकी प्रविष्टि उत्कृष्ट रही।
एक मिनट बदल सकता है दूसरों की जिंदगी
इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों के अनुभवों को बांटना है जिनकी जिंदगी पर अखबार ने व्यापक असर डाला है। इसके लिए लोगों से एक मिनट का वीडियो प्रविष्टि के तौर पर लिया गया था जिसमें लोगों ने अखबार से जुड़ी उस खबर का जिक्र किया जिसने उनको प्रभावित किया।
900 लोगों ने भेजे वीडियो
इस अभियान के लिए करीब 900 लोगों ने अपने अनुभव भेजे। जूरी ने इनमें से तीन श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रविष्टियों का चयन किया। पहली श्रेणी में तीन उन सबसे अच्छे अनुभवों को रखा गया जिनकी जिंदगी पर अखबार ने बड़ा प्रभाव डाला था। पहला पुरस्कार एलेक्सा-8, दूसरा एलेक्सा-4 और तीसरा पुरस्कार एलेक्सा-3 दिया गया। इनके साथ अमर उजाला की कॉफी टेबल बुक भी भेंट की गई। इनके अलावा दूसरी श्रेणी में 7 लोगों का पुरस्कार के लिए चयन किया गया। इन्हें अमेजन का गिफ्ट वाउचर और अमर उजाला कॉफी टेबल बुक दिया गया है। तीसरी विशेष श्रेणी में 8 प्रविष्टियों को सराहनीय माना गया।
यह रहे विजेता
प्रथम- आकांक्षा शर्मा, आगरा
द्वितीय-दिव्या गर्ग, गाजियाबाद
तृतीय- जितेन, हिसार
दूसरी श्रेणी
प्रथम- सनोवर खान, नोएडा
द्वितीय-आंचल मलिक, मुजफ्फरनगर
तृतीय- मंजू स्वाती, आगरा
चतुर्थ-अजय नौटियाल, देहरादून
पांचवां-आरुषी यादव, अलीगढ़
छठवां-अक्षिता अग्रवाल, शहारनपुर
सातवां-अलीसबा खान, आजमगढ़
तीसरी श्रेणी
प्रथम-आकांक्षा यादव, लखनऊ
द्वितीय-आरती माथुर, बदायूं
तृतीय-वर्षा, कैथल
चतुर्थ-देवानंद राय, देवरिया
पांचवां- दिया, देहरादून
छठवां- यशी मोर्या, लखनऊ
सातवां- चौधरी महक सिंह, गाजियाबाद
आठवां- संतोष, गाजियाबाद