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दिल्ली: मतदाता कार्ड में बदलाव करवाने के लिए अब नहीं देना होगा कोई शुल्क, निर्वाचन आयोग ने लिया निर्णय

Wed, 03 Nov 2021 01:53 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि पहली बार कार्ड बनवाना पहले भी निशुल्क था। मगर किसी तरह के संशोधन के लिए आवेदक को 25 रुपये जमा करना होता था।
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Voter Id card - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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वोटर कार्ड में किसी तरह के बदलाव या गुम होने पर अब नया कार्ड बनवाने के लिए मतदाताओं को खर्च नहीं करना होगा। पहले नाम, पता, विधानसभा क्षेत्र सहित किसी तरह के भी बदलाव के लिए कार्ड के मद में 25 रुपये का शुल्क लिया जाता था। निर्वाचन आयोग की तरफ से वित्तीय सहूलियत देने से मतदाताओं की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद की जा रही है।

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मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) दिल्ली की तरफ से तरह तरह की गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। एक महीने के लिए मतदाता उत्सव के दौरान मतदाताओं को जागरूक किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल हो सकें। 

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि पहली बार कार्ड बनवाना पहले भी निशुल्क था। मगर किसी तरह के संशोधन के लिए आवेदक को 25 रुपये जमा करना होता था। अब वोटर कार्ड में किसी तरह के संशोधन या कार्ड के गुम होने पर जरूरी दस्तावेजों को जमा करवाने पर कार्ड निशुल्क भेजा जाएगा। 
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सीईओ ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद मतदाता पहचान पत्र बनवाना और भी सुलभ हो गया है।  डॉ. सिंह ने कहा कि मतदाताओं को नया पहचान पत्र बनवाने या नाम, पता या विधानसभा क्षेत्र में बदलाव के लिए आवेदन फॉर्म भरे जा रहे हैं। संशोधन के बाद जनवरी, 2022 में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। मतदान की प्रक्रिया में सभी को शामिल होने का मौका मिले इसलिए एक महीने तक मतदाता उत्सव मनाया जा रहा है। इसके तहत अलग अलग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं ताकि युवाओं सहित सभी वर्ग के मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया में बराबरी से शामिल होकर मताधिकार का मौका मिल सके। 

एक लाख, दो हजार, 520 मतदाता हो गए कम 
दिल्ली में 1,02520 मतदाता कम हो गए हैं। फिलहाल दिल्ली में कुल 1 करोड़, 47 लाख से अधिक मतदाता है। इनमें 80 लाख, 88 हजार, 31 पुरुष जबकि 67,6570 महिलाएं हैं। ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या 948 है जबकि 59 हजार, 432 मतदाताओं की मृत्यु के बाद उनके नाम काट दिए गए हैं।

सीईओ ने डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है ताकि इसे त्रुटि मुक्त बनाया जा सके। इस बार 2.51 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए जबकि 2.16 लाख नए मतदाता शामिल हुए हैं। वोटर हेल्पलाइन एप की शुरुआत की गई है ताकि मतदाताओं सूची में किसी तरह के बदलाव की प्रक्रिया आसान हो सके।

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