दिल्ली विश्वविद्यालय मंगलवार देर रात खत्म हुई कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में नई शिक्षा नीति और चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को पास कर दिया गया। सदस्यों की और से आपति भी जतायी गयी।
इसके बाद भी ईसी में इस पर मोहर लगा दी गयी। ईसी सदस्य और अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के अनुसार आपति के बाद भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन को पास कर दिया गया।
चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम के गुण बिलकुल भी स्पष्ठ नहीं है। यदि पहले से ही छात्र तीन वर्ष के प्रोग्राम में सब कुछ पढ़ रहे हैं तो चार वर्ष का भार छात्रों पर क्यों डाला जा रहा है।
डीयू ईसी की बैठक में 12 कॉलेज के फंड जारी नहीं होने का मुद्दा गरमाया
दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद की बैठक में मंगलवार को दिल्ली सरकार से सौ फीसदी वित्त पोषित 12 कॉलेजों का फंड जारी नहीं किए जाने का मुद्दा गरमाया। परिषद के सदस्यों ने कॉलेजों को जल्द से जल्द फंड जारी करने की मांग की।
सदस्यों की ओर से कहा गया कि सभी सदस्यों को इस मामले में उपराज्यपाल से बात कर उनसे हस्तक्षेप की मांग करनी चाहिए। दरअसल इन कॉलेजों को दिल्ली सरकार फंड जारी करती है। फंड जारी नहीं होने से शिक्षक और अन्य स्टाफ को वेतन नहीं मिल पा रहा है। उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।