जैकलीन फर्नांडीज को इस वजह से मिली राहत
विशेष न्यायाधीश शैलेन्द्र मलिक ने पिछले साल 15 नवंबर को फर्नांडीज को जमानत दी थी। अदालत ने जमानत की शर्तों में संशोधन करते हुए कहा कि पेशेवर अवसरों का लाभ उठाने के लिए अभिनेत्री को अल्प सूचना पर विदेश यात्रा की आवश्यकता होती है और उन्होंने कभी भी किसी भी समय जमानत की शर्तों का दुरुपयोग नहीं किया है। अदालत ने आदेश में शर्त को संशोधित करते हुए कहा कि देश छोड़ने से पहले अदालत की पूर्व अनुमति लेना बोझिल हो जाता है और आजीविका खोने का एक कारण हो सकता है।
फर्नांडीज को जमानत देते हुए न्यायाधीश ने उन्हें अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा कि जब फर्नांडीज ईडी द्वारा जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुकदमे का सामना कर रही थी, तो उसे दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा जांच किए जा रहे एक संबंधित मामले में गवाह बनाया गया था। अदालत ने कहा कि यह भी निर्विवाद है कि आरोपी ने किसी भी समय जमानत की शर्तों का दुरुपयोग नहीं किया।
अदालत ने कहा कि आरोपी पर भारत छोड़ने से पहले पूर्व अनुमति लेने की शर्तें लगाने का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना था कि उसे मुकदमे के दौरान उपस्थित होना होगा और न्यायिक प्रक्रिया से उसके भागने की कम से कम संभावना होनी चाहिए। वर्तमान मामले में आरोपी भारतीय फिल्म उद्योग में एक अभिनेत्री है और उसे पेशेवर अवसरों को हासिल करने के लिए अक्सर विदेश यात्रा करनी पड़ती है और कुछ स्थितियों में उसे अल्प सूचना के साथ देश छोड़ने की आवश्यकता होती है।
अदालत ने कहा ऐसी स्थिति में, देश छोड़ने से पहले पूर्व अनुमति लेने की शर्त बोझिल हो जाती है और आजीविका खोने का कारण हो सकती है। न्यायाधीश ने आगे कहा कि फर्नांडीज श्रीलंका का नागरिक ती लेकिन 2009 से भारत में रह रही है और 2009 से नियमित रूप से आयकर का भुगतान कर रही है। अदालत ने कहा कि आरोपी द्वारा जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन करने का कोई उदाहरण नहीं है।
ऐसी स्थिति में जब कुछ अन्य शर्तें लगाकर जांच एजेंसी की आशंका को दूर किया जा सकता है तो मुझे लगता है कि देश छोड़ने से पहले पूर्व अनुमति लेने के संबंध में जमानत की शर्तों को संशोधित करना न्यायसंगत होगा। अपने आवेदन में, फर्नांडीज ने दावा किया कि अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अभिनेत्री होने के नाते वह अक्सर फिल्म शूटिंग, कार्यक्रमों में उपस्थिति, विभिन्न पुरस्कार समारोहों में भाग लेने आदि में व्यस्त रहती हैं, जो उनके पेशेवर व्यवसायों और आजीविका के लिए अपरिहार्य है।
कुछ स्थितियों में, आरोपी को विदेश जाने के लिए अदालत की मंजूरी लेने में समय लग जाता है, जो जमानत की शर्तों के तहत अनिवार्य है। इस कारण से आरोपी को कुछ स्थितियों का सामना करना पड़ा, जिसमें आयोजकों, निर्माताओं और अन्य फिल्म उद्योग के पेशेवरों ने भारत छोड़ने के लिए अदालत की मंजूरी लेने की समय लेने वाली प्रक्रिया के कारण, अन्य व्यक्तियों को शामिल करने का विकल्प चुना, जिसके परिणामस्वरूप संभावित वित्तीय नुकसान और उसकी प्रतिष्ठा पर असर पड़ा। आवेदन में दावा किया गया है।