यात्रियों को यूके में बसाने का सपना दिखाकर उनको फर्जी कागजात के जरिए विदेश भेजने वाले मास्टर माइंड एजेंट को आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने भदोही यूपी से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी एजेंट ऑटोमोबाइल इंजीनियर है, लेकिन मुंबई में प्रॉपर्टी डिलिंग और एजेंट के तौर पर फर्जी वीजा और पासपोर्ट की व्यवस्था करता है। इसके लिए यात्रियों से 12 लाख रुपये लेता है। पुलिस इस मामले में सात यात्रियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त संजय त्यागी ने बताया कि गिरफ्तार एजेंट की पहचान गांव पिपली, भदोही, यूपी निवासी पंकज उर्फ कमल के रूप में हुई है। 2 जनवरी की देर रात एयर इंडिया के कर्मचारियों ने फर्जी कागजात लेकर लंदन जा रहे सात यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा। पकड़े गए सभी यात्री पंजाब और हरियाणा के थे। एयरलाइंस कर्मचारियों ने सभी को आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस के हवाले कर दिया। इनके पास से फर्जी बोर्डिंग पास मिले।
ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
पूछताछ में यात्रियों ने बताया कि एजेंट कृष्णा और कमल ने उन्हें यूके में बसाने का आश्वासन दिया था और उन्हें बोडिंग पास, आरटी-पीसीआर परीक्षण रिपोर्ट और ओके टु बोर्ड शिप ज्वाइनिंग लेटर मुहैया करवाया था। उन्होने सभी से 12-12 लाख रुपये लिए थे। जांच में पता चला कि सभी यात्री कंटीन्यूअस डिस्चार्ज सर्टिफिकेट (सीडीसी) लेकर जा रहे थे और लंदन पहुंचने के बाद उसको नष्ट कर यूके सरकार से शरण मांगना था। पुलिस ने एजेंट कमल की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी जांच शुरू की। जिसमें पता चला कि वह सिर्फ व्हाट्सएप इस्तेमाल कर अपना ठिकाने बदल रहा है। उसके आईपी एड्रेस के जरिए रविवार को पुलिस उसे भदोही से गिरफ्तार कर लिया।
प्रोपर्टी डीलर से बन गया एजेंट
उसने बताया कि वह सहयोगी रंजीत और कृष्णा के साथ मिलकर यात्रियों के लिए फर्जी बोर्डिंग पास की व्यवस्था करता है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में कुछ एयरलाइंस कर्मी की भूमिका सामने आई है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। उन्होंनें बताया कि पंकज से बीटेक की पढाई कर चुका है और फिलहाल मुंबई में प्रॉपर्टी डीलर के साथ-साथ एक एजेंट के तौर पर काम कर रहा था।