नई दिल्ली। राजधानी के ग्रामीण इलाके में शिक्षा एवं खेल सुविधा मुहैया कराने के लिए वर्षों से पहले हुई घोषणाएं पूरी नहीं हुई हैं। ग्रामीण इलाके में दो विश्वविद्यालय बनाने का ऐलान वर्षों पहले हुआ और खेल विश्वविद्यालय के लिए जमीन का अधिग्रहण भी कर लिया गया है। वहीं बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए विश्वविद्यालय बनाने के लिए जमीन की पहचान कर ली गई। इतना ही नहीं, कालेज का भवन बनाने के लिए भी जमीन की चारदीवारी हो चुकी है।
दक्षिण पश्चिम दिल्ली स्थित नजफगढ़ इलाके के रोशनपुरा में दिल्ली विश्वविद्यालय का एक कॉलेज बनाने का निर्णय के लिए दिल्ली सरकार ने वर्ष 1990 में ग्रामसभा जमीन चिन्हित की थी, लेकिन अभी तक इस जमीन पर कॉलेज का भवन नहीं बनाया गया है। इतना ही नहीं, अभी तक यह भी मालूम नहीं है कि यहां कॉलेज का भवन कब बनेगा।
इलाके में कार्य कर टीम संभव के संयोजक दीपक यादव ने बताया कॉलेज के लिए चिन्हित की गई भूमि की केवल चारदीवारी की कई है। यहां भवन बनाने के लिए कई बार विश्वविद्यालय एवं दिल्ली सरकार को पत्र लिखे गए हैं।
उधर दक्षिण पश्चिम दिल्ली के ही घुमनहेड़ा गांव में वर्ष 2018 के दौरान ग्रामसभा जमीन डॉ. बाबा साहब आंबेडकर विश्वविद्यालय के लिए चिन्हित की थी, लेकिन यह जमीन अभी तक विश्वविद्यालय को नहीं दी गई है। गांव निवासी सुल्तान सिंह के अनुसार विश्वविद्यालय की स्थापना कराने के लिए भवन बनाने के संबंध में कई बार उपराज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है।
दूसरी ओर रोहतक रोड स्थित घेवरा मोड़ पर मुंडका व घेवरा गांव के मध्य सोनीपत के राई की तरह स्पोर्ट्स स्कूल बनाने के लिए वर्ष 1996 में किसानों से जमीन का अधिग्रहण किया था। अब यहां स्पोर्ट्स स्कूल के बजाय स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने का फैसला किया गया है, मगर यहां इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। मुंडका निवासी जगबीर सिंह बताते हैं कि स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाए जाने वाला स्थान बंजर पड़ा हुआ है।