नई दिल्ली। कोविड काल में रेलवे ने न केवल ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाकर लोगों को सांसे दीं बल्कि दूध की आपूर्ति कर रोग प्रतिरोधी क्षमता को बेहतर करने में भी मुख्य भूमिका में रहा। दक्षिण भारत से एनसीआर में 10 करोड़ लीटर दूध पहुंचाने का भी रेलवे ने रिकार्ड बनाया है।
ऑक्सीजन एक्सप्रेस के साथ रेलवे दुग्ध दुरंतो स्पेशल एक्सप्रेस चला रही है। दुग्ध दुरंतो ने अब तक 2502 दूध टैंकरों से दिल्ली में दूध की आपूर्ति करने का रिकार्ड बनाया है। अभी तक कुल 443 ट्रिप दुग्ध दुरंतो दक्षिणी भारत के रेनिगुंटा से नई दिल्ली तक चली है।
कोविड-19 से पहले नई दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की दूध की जरूरतों को पूरा करने के लिए साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेनों में दूध के टैंकरों को जोड़ा जा रहा था। जब देश में लॉकडाउन लागू किया गया था तो इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए दुग्ध दुरंतो विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया।
रेनिगुंटा से 30 घंटे में पहुंचती है दुग्ध दुरंतो
दक्षिणी भारत के रेनिगुंटा से दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेशन तक की 2300 किलोमीटर की दूरी दुरंतो महज 30 घंटे में तय करती है। दुरंतो को 6 दूध टैंकरों के साथ चलाया जाता है। प्रत्येक टैंकर में 40 हजार लीटर की क्षमता होती है। पूरी ट्रेन की बात करें तो 2.40 लाख लीटर दूध लेकर यह ट्रेन दिल्ली पहुंचती है।
10 करोड़ लीटर से अधिक दूध 443 फेरे लगा कर पहुंचाया गया है। रेल मंत्रालय के अनुसार आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को संतुलित करने के लिए इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।