सफर के दौरान खाने को लेकर यात्रियों की दुविधा बनी हुई है। एक तरफ सभी ट्रेनों में खाने की सुविधा अभी शुरू नहीं की गई, 'पेट पूजा' नाम से जिनमें पैक्ड फूड मिल भी रहा है, उसमें मात्रा के हिसाब से भोजन कम है। नतीजन आधे पेट खाना खाकर मुसाफिरों को सफर करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला स्वर्ण शताब्दी ट्रेन में सामने आया है। यात्री ने इसकी शिकायत रेल प्रशासन से की है।
कोविड की वजह से रेलवे ट्रेन में पेंट्री कार पूरी तरह से शुरू नहीं कर पाई है। ऑनलाइन खाने की सुविधा तो दी गई है, लेकिन जो खाने की सामग्री दी जा रही है उसके भी आइटम में कमीं रह रही है। इस मामले की शिकायत लखनऊ-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी के यात्री अमित सिन्हा ने दिए गए वाट्सएप नंबर पर की है।
दरअसल पेट पूजा नाम से एक पूरा पैकेट तैयार किया गया है। जिसमें एक कचौड़ी, एक समोसा, एक ब्रांडेड जूस, केचअप, टिशू पेपर, एक पीस नमकीन और एक पीस स्वीट्स ट्रेन के यात्रियों को दिया जा रहा है। चाय के साथ इस बॉक्स की कीमत 70 रुपये यात्रियों से एक नामी कंपनी के साथ कॉमसम ले रहा है।
ट्रेन के यात्री सिन्हा ने इस पूरे पैकेट की तस्वीर साझा करते हुए बताया कि पैकेट में आइटम तो भरपूर लिखा गया है, लेकिन इस पैकेट को खोलने पर पता चला कि आधे-अधूरे ही खाने की सामग्री पैकेट में मिली। उन्होंने बताया कि पैकेट पर दिए गए वाट्सएप नंबर पर इसकी शिकायत कर दी गई है।