नकली मुद्रा को प्रकाशित करना व उसे चलाना एक गंभीर अपराध है और इसका प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था को पंगु बनाने वाला होता है। हाईकोर्ट ने नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए उक्त टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि नोटों की जालसाजी से नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों और गोला-बारूद की खरीद, आतंकवादी संगठनों की फंडिंग, सीमा पार से धन शोधन, मानव तस्करी को बढ़ावा मिलता है।
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने दुबई निवासी पाकिस्तानी नागरिक आरोपी तरबेज अहमद के जमानत आवेदन को खारिज किया है। अदालत ने कहा नकली नोटों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था के संतुलन को वित्तीय रूप से विघटित और अस्थिर करना है। इसका अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव पड़ता है।
अदालत ने कहा धारा 489ए, 489बी, 489सी, 489डी और 489ई आईपीसी में विधायिका द्वारा देश की अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए प्रावधान किया गया है। याचिकाकर्ता नकली मुद्रा नोटों की छपाई और प्रचलन में काम करने वाले सिंडिकेट का एक हिस्सा है और इसमें विनाशकारी होने की प्रवृत्ति है। इसका देश की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ता है।
अदालत ने कहा पेेश साक्ष्यों से स्पष्ट है कि आरोपी संगठित सिंडीकेट का हिस्सा है। ये सिंडीकेट नकली नोट को प्रकाशित करने, चलाने में सक्रिय है। आरोपी से 44 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे। आरोपी के लैपटॉप से अन्य आरोपी नोट का डिजाइन बनाने के लिए प्रयोग करते थे। इतना ही नहीं यह भी पत चला है कि आरोपी नकली नोट को बनाने के लिए स्याही हांगकांग से मंगवाते थे।
अदालत ने कहा सभी आरोपी जो नकली नोट बनाते थे वे असली के समान थे, यह उच्च मुनाफाखोरी का व्यवसाय बन गया है। नकली नोटों का प्रचलन अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर रूप से हानिकारक है। यह देश के वित्तीय विनियमन को बाधित करता है।
अदालत ने आरोपी के उस तर्क को खारिज कर दिया कि मामले में अन्य आरोपी जमानत पर हैं। अदालत ने कहा आरोपी समानता के आधार पर जमानत मांगने का हकदार नहीं है क्योंकि उस पर गंभीर आरोप हैं और मामले में अभियोग तय होने हैं। यदि जमानत दी गई तो यह साक्ष्यों को नष्ट कर सकता है।
क्या है मामला:
पुलिस के अनुसार 19 दिसंबर 2019 को गुप्त सूचना के आधार पर लक्ष्मी नगर के रमेश पार्क में छापा मारा गया और आरोपी को 40 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जांच में कई अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए गए थे।