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दिल्ली: कंपनी का चोरी का डाटा खरीदने वाला पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार, लॉकडाउन में नौकरी जाने के बाद अपनाया ठगी का रास्ता

Tue, 02 Nov 2021 10:27 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

आशीष अग्रवाल मूवर्स एंड पैकर्स लिमिटेड का पूर्व कर्मचारी था और मार्च 2020 में लॉकडाउन के दौरान उसकी नौकरी चली गई। इसके बाद, उसने दीपक गोयल से संपर्क किया, जो कंपनी के सर्वर से डेटा चुराकर आरोपी आशीष को भेजता था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की साइबर सेल ने चोरी का डाटा खरीदने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी डाटा को आगे महंगे दामों पर बेच देता था। इस डाटा से ठगी की जा रही थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ग्राहकों का डाटा खरीदने व बेचने में प्रयुक्त आईफोन-7 को बरामद कर लिया है।

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अपराध शाखा डीसीपी मनोज सी के अनुसार अग्रवाल पैकर्स एंड मूवर्स लिमिटेड के समूह अध्यक्ष जेएस अहलुवालिया ने शिकायत दी थी कि कुछ अज्ञात लोग नकली वेबसाइट बनाकर व उसके कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। ग्राहकों को लगता है कि वह मेल अग्रवाल पैकर एंड मूवर्स लिमिटेड के हैं। मामला दर्जकर इंस्पेक्टर मनोज मिश्रा की टीम जांच कर रही थी। 

जांच के बाद कंपनी के कर्मचारी दीपक गोयल को गिरफ्तार कर लिया गया था। वह कंपनी के ग्राहकों का डेटा कंपनी के कंप्यूटर से डाउनलोड करता था और आगे अपनी जीमेल आईडी की मदद से ग्राहक का डेटा एक्सेल फॉर्म में अपने सहयोगी आशीष सिंह को भेजता था। आरोपी दीपक को डेटा ट्रांसफर के एवज में आशीष से उसके एक्सिस बैंक खाते में हर महीने 18 हजार रुपये मिलते थे।
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ग्राम सोनारी, अमेठी, उत्तर प्रदेश निवासी आशीष (35) को पकड़ने के लिए कई जगह छापेमारी की गई। इंस्पेक्टर मनोज मिश्रा व एसआई राकेश की टीम ने मोबाइल सर्विलांस के आधार पर आरोपी आशीष को उसके गांव से 31 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी आशीष दीपक गोयल से उसके ई-मेल और व्हाट्सएप पर ग्राहकों का डेटा प्राप्त करता था और उक्त डेटा को सह-आरोपी सुरेश को स्थानांतरित कर देता था। सह-आरोपी सुरेश उक्त डेटा को या तो किसी प्रतिद्वंद्वी कंपनी या धोखेबाज को बेचता था और प्रत्येक ग्राहक डेटा के लिए कुछ रुपये तीन हजार मिलते थे। 

आरोपी ने स्नातक किया हुआ है
आशीष अग्रवाल मूवर्स एंड पैकर्स लिमिटेड का पूर्व कर्मचारी था और मार्च 2020 में लॉकडाउन के दौरान उसकी नौकरी चली गई। इसके बाद, उसने दीपक गोयल से संपर्क किया, जो कंपनी के सर्वर से डेटा चुराकर आरोपी आशीष को भेजता था। आरोपी ने आरोपी राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद (यूपी) से कला स्नातक है। अग्रवाल मूवर्स एंड पैकर्स में 10 साल तक काम किया इसलिए वह जानता था कि ग्राहकों का महत्वपूर्ण डेटा कैसे मिल सकता है। 

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