नई दिल्ली। पिछले 11 दिनों से लापता चंडीगढ़ का एक डॉक्टर बुुधवार तड़के गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास रैन बसेरे में सकुशल मिल गया। 13 नवंबर को अस्पताल जाते समय डॉक्टर अचानक गायब हो गया। परिजनों ने मोहाली में उनकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। जब परिजनों को उनकी लोकेशन दिल्ली की पता चली तो परिवार दिल्ली पहुंच गया।
यहां कनॉट प्लेस थाने से मदद मांगी गई। चंद ही घंटों बाद डॉक्टर अमित छाबड़ा (44) को एक रैन बसेरे से ढूंढ निकाला गया। अमित के माता पिता ने बेटे को सकुशल पाकर दिल्ली पुलिस की जमकर तारीफ की। बाद में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिवार अमित को लेकर वापस चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गया।
नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 3.15 बजे भूपेंद्र कुमार और उनकी पत्नी कनॉट प्लेस थाने पहुंचे थे। दोनों ने बताया कि उनका 44 वर्षीय बेटा अमित छाबड़ा डॉक्टर है। कोविड-19 के बाद से उसे कुछ मानसिक बीमारी हो गई थी। 13 नवंबर को वह अस्पताल के लिए घर से निकला था। उसके बाद वह गायब हो गया।
परिजनों ने उनकी खूब तलाश की, लेकिन पता नहीं चला। बाद में परिवार ने मोहाली के एक थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। पुलिस के अलावा परिजन भी उनकी तलाश में जुटे रहे। मंगलवार दोपहर परिवार को पता चला कि अमित दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में कहीं पर हैं। परिवार को उनकी सही लोकेशन पता नहीं चल पा रही थी।
परिवार ने दिल्ली पहुंच कनॉट थाने से मदद मांगी। पुलिस फौरन अमित की तलाश में लग गई। पुलिस ने डॉक्टर अमित छाबड़ा को गुरुद्वारे के पास रैन बसेरे से सकुशल बरामद कर लिया। पिछले कई दिनों से अमित यहीं पर रुके थे।