बीजेपी विधायक ने कहा कि सरकार को इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि इससे युवा पीढ़ी पर क्या असर पड़ेगा, महिलाओं की सुरक्षा कैसे खतरे में पड़ जाएगी या फिर कितने बच्चों के मुंह से दूध छीनकर लोग शराब पीने के आदी हो जाएंगे।
नई आबकारी नीति के खिलाफ भाजपा ने सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। दिल्ली सरकार को यह नीति वापस लेने के साथ ही चेतावनी दी है कि एक भी नया शराब का ठेका नहीं खुलने दिया जाएगा। इसे लेकर रोहताश नगर के नत्थू कॉलोनी चौक पर विरोध-प्रदर्शन भी किया गया। महिलाओं ने झाड़ू, थाली और बेलन के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि इलाके के लोगों को पीने का पानी नहीं है और शरकार नई शराब की दुकानें खोलने पर आमादा है।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि नई शराब की नीति के तहत दिल्ली सरकार ने राजधानी में शराब की नदियां बहाने का फैसला किया है। सरकार को इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि इससे युवा पीढ़ी पर क्या असर पड़ेगा, महिलाओं की सुरक्षा कैसे खतरे में पड़ जाएगी या फिर कितने बच्चों के मुंह से दूध छीनकर लोग शराब पीने के आदी हो जाएंगे। सरकार को सिर्फ अपने खजाने से मतलब है।
भाजपा विधायक जितेंद्र महाजन व प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष योगिता सिंह ने कहा कि दिल्ली में करीब 500 दुकानों की जगह अब एक हजार से अधिक शराब के अड्डे बनाए जा रहे हैं। शराब का सारा कारोबार प्राइवेट हाथों में सौंप दिया गया है। ये लोग शराब की क्वालिटी और रेट सब तय करेंगे। सुबह तीन बजे तक ठेके खुलेंगे और शराब पीने के लिए उम्र भी घटाकर 25 साल से 21 साल कर दी गई है। नीति के खिलाफ अब महिलाओं ने बिगुल बजा दिया है और यह आंदोलन पूरी दिल्ली में चलाया जाएगा। दिल्ली में शराब का कोई नया ठेका नहीं खुलने दिया जाएगा।