दिल्ली सरकार राजधानी को विश्व स्तरीय टीचर एजुकेशन का केंद्र बनाएगी। मंगलवार को इस विजन को लेकर दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की पहली बैठक हुई। इसमें सहमति बनी कि वर्तमान में देश में ऑफर किए जाने वाले ज्यादातर टीचर ट्रेनिंग कोर्सेज के विपरीत दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी में शुरू किए गए कोर्सेज को केवल विषय ज्ञान पर ध्यान केंद्रित नहीं किया जाएगा, बल्कि यहां प्रशिक्षुओं की क्षमता बढ़ाकर व्यवहारिक कौशल भी दिया जाएगा, जिससे वह कक्षाओं में पढ़ाई के लिए बेहतर ढंग से तैयार होंगे।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यूनिवर्सिटी शुरू करने का उद्देश्य टीचर एजुकेशन के क्षेत्र में एक ऐसा विश्व स्तरीय संस्थान बनाना है, जो आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थानों से भी शानदार हो। दिल्ली टीचर यूनिवर्सिटी पूरे विश्व में टीचर एजुकेशन के क्षेत्र में एक ब्रांड के रूप में उभरेगी। आज शिक्षा के क्षेत्र में फिनलैंड, सिंगापुर, जापान, अमेरिका व यूरोपीय देशों का दबदबा है। यह यूनिवर्सिटी इन सभी का जवाब बनेगी और भारत को शिक्षा के क्षेत्र में विश्व के टॉप देशों में शामिल करेगी।
दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी के उपकुलपति धनंजय जोशी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा को लेकर दिल्ली सरकार के विजन को पूरा करने का काम करेगा। बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की पहली बैठक में उपकुलपति धनंजय जोशी, तमिलनाडु टीचर्स यूनिवर्सिटी के उपकुलपति प्रो. एन.पंचनाथ, शिक्षा सचिव एच. राजेश प्रसाद, उच्च शिक्षा निदेशक रंजना देशवाल, निदेशक एससीईआरटी रजनीश कुमार सिंह, प्रधान शिक्षा सलाहकार शैलेन्द्र शर्मा, शिक्षामंत्री के सलाहकार विक्रम भट्ट, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की सीईओ डॉ. रुक्मिणी बनर्जी, डीएलएफ फाउंडेशन स्कूल्स की चेयरपर्सन व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन डॉ. अमिता मुल्ला वट्टल शामिल रहे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण
यूनिवर्सिटी में प्रशिक्षुओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देने के साथ नए विचारों के आदान-प्रदान के लिए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग किया जाएगा। एक्सचेंज प्रोग्राम व विजिट के माध्यम से इंटरनेशनल एजुकेशन सिस्टम से भी अवगत कराया जाएगा। शिक्षण-प्रशिक्षण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में शोध पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इन कोर्सेज की होगी शुरुआत
दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी में विभिन्न नियामक संस्थाओं से मंजूरी मिलने के बाद सात कोर्स की पेशकश की जाएगी। इनमें चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम, दो वर्षीय बीएड प्रोग्राम, दो वर्षीय स्पेशल बीएड प्रोग्राम, तीन वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड-एमएड प्रोग्राम, दो वर्षीय एमए एजुकेशन प्रोग्राम, एक वर्षीय सर्टिफिकेट प्रोग्राम (स्कूल एजुकेशन), एक वर्षीय सर्टिफिकेट प्रोग्राम (हायर एजुकेशन) शामिल है।