फिर मजबूत होगी पार्टी: हित
अवतार सिंह हित ने बताया कि पहले भी ऐसा समय आया था जब सभी लोग पार्टी का साथ छोड़ गए थे। उस दौरान भी प्रकाश सिंह बादल के साथ डटकर दिल्ली के सिख नेता खड़े हुए थे और पार्टी को फिर खड़ा किया। इसलिए जिन लोगों ने पार्टी से धोखा किया है और निजी स्वार्थों के लिए पार्टी को खत्म करने पर अमादा हैं वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं होंगे। इसका गठन अनेक शहादतों के बाद हुआ। वह कभी मर नहीं सकती, उसका खात्मा करने वालों का स्वयं का खात्मा हो जायेगा। इस मौके पर सुखदेव सिंह रयात, प्रीतपाल सिंह कपूर, तेजपाल सिंह, अमरीत सिंह खानपुरी, अमरजीत सिंह संधू, अवनीत सिंह रायसन समेत कई सिख नेता मौजूद रहे। सिख नेताओं ने कहा शिरोमणी अकाली दल शहीदों की जत्थेबंदी है।
नवगठित सिख राजनीतिक पार्टी के गठन पर उठाया सवाल
नवगठित शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट पार्टी के गठन पर दिल्ली के सिख राजनीतिक पार्टियों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। विपक्षी पार्टियों का कहना है कि धार्मिक जामा पहना कर पिछले दरवाजे से पार्टी रजनैतिक रंगत दे रही है। नई पार्टी के इरादों ने दिल्ली की संगतों को असमजंस में डाल दिया है।
इंदर मोहन सिंह ने कहा है कि शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट पार्टी एक तरफ तो पूर्णत: धार्मिक होने का दावा कर रही है साथ ही यह भी कह रही है कि अगर इस पार्टी से संबधित कोई व्यक्ति राजनैतिक चुनाव लड़ने का फैसला करता है तो उसे सहयोग दिया जायेगा। इसी से प्रतीत होता है कि इस पार्टी को धार्मिक जामा पहना कर पिछले दरवाजे से राजनैतिक रंगत भी दी गई है।
उन्होने इस नई पार्टी के चीफ पैटरन हरमीत सिंह कालका से पूछा है कि उनके द्वारा गटित की गई दोहरे मापदंड वाली पार्टी पूर्णत: धार्मिक कैसे हो सकती है? दिल्ली सरकार के गुरुद्वारा चुनाव विभाग ने शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट के नाम से बाल्टी चुनाव चिन्ह पहले ही सुरक्षित कर चुका है। ऐसे में कालका के नेतृत्व में गठित की गई नई राजनीतिक पार्टी को सुरक्षित चुनाव चिन्ह लेने के लिये सोसायटी एक्ट के अधीन रजिस्टर्ड होना आवश्यक होता है।