उत्तर-पूर्व दिल्ली दंगा मामले में पुलिस ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में ताजा स्थिति रिपोर्ट दाखिल की। रिपोर्ट में कहा गया है कि दर्ज किए गए 758 मामलों में से 695 की जांच उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस की ओर से जा रही है। हत्या सहित दूसरे संगीन अपराध के शेष 62 मामले अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिए गए हैं। आला अधिकारियों की देखरेख में इन मामलों की जांच तीन एसआईटी कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में सांप्रदायिक दंगों के पीछे की बड़ी साजिश से जुड़े एक मामले की जांच स्पेशल सेल की ओर से की जा रही है।
न्यायमूर्ति डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने जमात उलेमा-ए-हिंद की तरफ से पेश वकील की ओर से दिल्ली पुलिस की ओर से दायर अंतिम रिपोर्ट में कई विवरण न होने के आरोप लगाए जाने पर बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस को इस मामले में ताजा स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। दिल्ली पुलिस ने फरवरी-मार्च 2020 में उत्तर-पूर्वी जिले में हुए दंगों के संबंध में दर्ज की गई प्राथमिकी की जांच कानून के मुताबिक की जा रही है। ये मामले अब अदालतों में विचाराधीन है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पुलिस की ओर से की गई जांच विश्वसनीय, निष्पक्ष होने के साथ साथ तमाम पहलुओं में पूर्ण है।
नेताओं के भाषणों की चल रही हैं जांच
एक याचिकाकर्ता अजय गौतम ने बताया कि बैच के सभी मामलों को भी दिल्ली उच्च न्यायालय की एक अन्य पीठ को स्थानांतरित कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने पहले ही उच्च न्यायालय के समक्ष बताया था कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा, प्रवेश वर्मा और अन्य सहित राजनीतिक नेताओं के भाषणों की जांच की जा रही है।