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एसपीपी की नियुक्ति: एलजी, केंद्र ने दिल्ली दंगा, गणतंत्र दिवस हिंसा मामले में हाईकोर्ट में रखा अपना पक्ष

Fri, 28 Jan 2022 03:04 PM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस के चुने हुए वकीलों को एलजी द्वारा एसपीपी नियुक्त किए जाने को चुनौती देते हुए दिल्ली सरकार द्वारा दायर याचिका के जवाब में उन्होंने कहा कि चूंकि दोनों मामले संसद के कानूनों से संबंधित हैं, नागरिकता संशोधन कानून और कृषि कानून, इसलिए राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के तौर पर एलजी की ऐसे मामलों में और सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी होती है।
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : पीटीआई-फाइल फोटो
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विस्तार
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दिल्ली के उप राज्यपाल और केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि पिछले साल गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा और 2020 के दिल्ली दंगा मामलों में निष्पक्ष और सक्षम जांच कराने के लिए उप राज्यपाल (एलजी) ने विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) की नियुक्ति की थी क्योंकि दोनों ही मामले राष्ट्रीय महत्व के थे।

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दिल्ली पुलिस के चुने हुए वकीलों को एलजी द्वारा एसपीपी नियुक्त किए जाने को चुनौती देते हुए दिल्ली सरकार द्वारा दायर याचिका के जवाब में उन्होंने कहा कि चूंकि दोनों मामले संसद के कानूनों से संबंधित हैं, नागरिकता संशोधन कानून और कृषि कानून, इसलिए राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के तौर पर एलजी की ऐसे मामलों में और सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने आगे दावा किया कि ये मामले अति संवेदनशील प्रवृति के थे और जनता से जुड़े थे, जो दिल्ली सरकार के दायरे से बाहर रखे गए हैं।

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देश की एकता और अखंडता बचाने के लिए केंद्र का हस्तक्षेप जरूरी

उन्होंने तर्क रखा कि सिर्फ इसलिए दिल्ली सरकार इस मामले को भी अपने अंतर्गत आने वाले मामलों की तरह नहीं ले सकती क्योंकि घटना उसके अधिकार वाले भौगोलिक स्थान में हुई है। उनके हलफनामे में लिखा है कि चूंकि दंगों ने देश की धर्म निरपेक्षता को चुनौती दी थी इसलिए देश की एकता और अखंडता बचाए रखने के लिए केंद्र सरकार का सीधा हस्तक्षेप होना ही था। किसान का विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसने सुर्खियां बटोरीं।

एलजी के विशेष सचिव ने सामान्य हलफनामे में कहा कि हिंसा की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के कारण जनजीवन प्रभावित होता है और इससे जन-धन हानि (उत्तर-पूर्वी दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा) होती है और उसके बाद जारी रहे किसान आंदोलन और हिंसक घटनाओं के कारण सक्षम, निष्पक्ष जांच की जरूरत महसूस होती है जिससे लोगों का विश्वास देश के कानून और न्याय व्यवस्था पर बना रहे।

दिल्ली सरकार ने अपनी याचिका में दिल्ली पुलिस द्वारा चुने गए वकीलों को एसपीपी नियुक्त किए जाने के दिल्ली के एलजी के आदेश को चुनौती दी है। दिल्ली सरकार ने दलील दी है कि इससे हितों के गंभीर टकराव हो सकते हैं।
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