पराली के धुएं और स्थानीय प्रदूषण की वजह से दिल्ली-एनसीआर में सांसों पर संकट बरकरार है। वायु मानक एजेंसियों के मुताबिक, स्थानीय मौसमी परिस्थितियों की वजह से प्रदूषण का स्तर अधिक नहीं बढ़ रहा है। अगले दो दिन तक हवा की सेहत बेहद खराब श्रेणी में बनी रहेगी।
राजधानी दिल्ली की हवा अभी भी खतरनाक बनी हुई है। दिल्ली की हवा में लोगों का दम घुट रहा है। दिल्ली के अस्पतालों में सांस से संबंधित मरीजों की लाइन लगी है। राजधानी दिल्ली की वायु गुणवत्ता आज सुबह 309 पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के साथ 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है। राष्ट्रीय राजधानी के आनंद विहार टर्मिनल की ये तस्वीर है।
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पराली के धुएं और स्थानीय प्रदूषण की वजह से दिल्ली-एनसीआर में सांसों पर संकट बरकरार है। वायु मानक एजेंसियों के मुताबिक, स्थानीय मौसमी परिस्थितियों की वजह से प्रदूषण का स्तर अधिक नहीं बढ़ रहा है। अगले दो दिन तक हवा की सेहत बेहद खराब श्रेणी में बनी रहेगी।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, पराली जलने की सबसे अधिक घटनाएं पंजाब में दर्ज हो रही हैं। बीते 24 घंटे में पंजाब में 2175 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। वहीं, हरियाणा में 132, उत्तर प्रदेश में 102, मध्यप्रदेश में 773 और राजस्थान में 63 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं। दिल्ली में एक भी स्थान पर पराली नहीं जली है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक तरफ पराली जल रही है और दूसरी तरफ हवा भी उत्तर-पश्चिम की दिशा से आ रही है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बनी हुई अनुकूल मौसमी परिस्थितियों की वजह से दिल्ली-एनसीआर की हवा अधिक नहीं बिगड़ रही है।