त्योहारों पर दिल्ली के बाजारों में भीड़ का असर कोरोना संक्रमण के मामलों पर भी दिखाई देने लगा है। ऐसे में ऑनलाइन लोकल सर्वे की चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसके मुताबिक बाजारों को देखकर लगता है कि दिल्लीवाले कोरोना महामारी भूल चुके हैं। इसकी वजह से सामाजिक दूरी का सही तरह से पालन नहीं हो रहा है।
पिछले माह सितंबर से वर्तमान की तुलना करें तो 50 फीसदी से ज्यादा लोग दो गज की दूरी नहीं रख पा रहे थे। वहीं, संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाने में भी लापरवाही बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में 11 फीसदी तक यह गिरावट आई है और अब केवल दो फीसदी लोग ही सही तरह से मास्क लगा रहे हैं।
दिल्ली सहित देश के कई शहरों के लोगों से ऑनलाइन बातचीत और सुझाव लेने के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें दिल्ली के भी कुछ जिले शामिल हैं। चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, सदर, तुर्कमान गेट सहित पुरानी दिल्ली के अहम बाजारों के अलावा लुटियन दिल्ली के सरोजनी नगर, ईस्ट ऑफ कैलाश, लाजपत नगर जैसे बाजारों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
सर्वे के दौरान अधिकांश लोगों ने मास्क और सामाजिक दूरी से जुड़े नियमों की जानकारी होने का हवाला दिया, लेकिन सितंबर की तुलना में 13 में से दो फीसदी लोग ही सही तरह से मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। सर्वे में कई लोग यह कहते हैं कि उन्हें टीका लगा है, इसलिए वह सुरक्षित हैं। अब उन्हें कोरोना नहीं होगा, जबकि इन्हीं लोगों के लिए सरकार बार-बार डेल्टा वेरिएंट के बारे में जानकारी दे रही है कि यह वेरिएंट टीका लेने के बाद भी संक्रमित कर सकता है।
सर्वे में कहा है कि सामाजिक दूरी अनुपालन सितंबर में छह फीसदी के आसपास था, जो अक्तूबर में गिरकर तीन फीसदी पर आ गया है और त्योहार शुरू होने के बाद इसमें निरंतर गिरावट देखने को मिल रही है। इसी माह यात्रा करने वाले केवल 16 फीसदी नागरिकों ने सर्वे में स्वीकारा है कि मास्क का अनुपालन प्रभावी है, जबकि 96 फीसदी का कहना है कि यात्रा के दौरान सामाजिक दूरी प्रभावी नहीं है। इनका तर्क है कि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट भी पालन नहीं कर रहे हैं।