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खास खबर : चिड़ियाघर में पर्यटकों को लुभाएगा सुपर-100 फार्मूला

Sun, 04 Apr 2021 06:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली चिड़ियाघर में 100 तरह के पक्षियों से लेकर वन्यजीवों की देखी जा सकेंगी प्रजातियां
  • पेड़ों की संख्या बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार के वन विभाग से भी लिया गया है सहयोग
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चिड़ियाघर - फोटो : PTI
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विस्तार
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दिल्ली चिड़ियाघर में पर्यटक बहुत जल्द एक ही समय में वन्यजीवों और पक्षियों की 100 प्रजातियों को देख सकेंगे। एक ही जगह पर प्रकृति प्रेमियों को 100 किस्म के फल-फूल के पेड़ों को भी निहारने का मौका मिलेगा। इसके लिए चिड़ियाघर प्रशासन ने सुपर 100 फार्मूले पर काम शुरू कर दिया है।

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एक साल बाद चिड़ियाघर को एक अप्रैल से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। अब चिड़ियाघर में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ने लगी है। यही वजह है कि इस वर्ष चिड़ियाघर को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें से एक परियोजना सुपर 100 फार्मूला की भी है। 

फिलहाल हैं वन्यजीवों की 88 प्रजातियां
चिड़ियाघर में फिलहाल 88 वन्यजीवों की प्रजातियां हैं। प्रशासन ने इसे 100 तक करने का लक्ष्य रखा है। चिड़ियाघर के निदेशक रमेश कुमार पांडे ने बताया कि प्रशासन की कोशिश है कि करीब एक महीने में अन्य नई प्रजातियों को भी शामिल किया जा सके। इसमें सितारा कछुआ, वाइल्ड डॉग, चिंकारा व शुतुरमुर्ग समेत अन्य प्रजातियों को शामिल किया जाएगा। कुछ चिड़ियाघरों से बाघ के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। इससे दिल्ली चिड़ियाघर में नए मेहमान भी जल्द ही दहाड़ेंगे।
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बर्डवाचिंग का केंद्र बनेगा चिड़ियाघर
निदेशक ने बताया कि चिड़ियाघर को आने वाले समय में बर्ड वाचिंग केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। इसके लिए इस योजना पर काम चल रहा है। प्रशासन की कवायद है कि एक ही स्थान पर पर्यटकों को देशभर की विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का दीदार कराया जाए। इसके लिए विशेषज्ञों समेत पक्षी प्रेमियों से भी राय ली जा रही है। फिलहाल यहां पक्षियों की कुल 40 प्रजातियां हैं। इसके अलावा मौसम के अनुसार कई प्रवासी पक्षी भी यहां डेरा डालने आते हैं, लेकिन वे तय समय के बाद लौट जाते हैं। चिड़ियाघर की कोशिश है कि आने वाले समय में यहां पर पेंटेड स्टार्क की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ ग्रे वेक्टेल, स्पॉट बिल्स समेत अन्य प्रवासी पक्षियों की भी संख्या बढ़ाई जा सके। यहां कुछ पक्षियों को बाड़े में रखा जाएगा और कुछ पक्षी खुले में पर्यटकों को लुभाएंगे। 

75 प्रजातियों के लगाए जा चुके हैं पेड़
चिड़ियाघर परिसर के अंदर भूमि के एक बड़े हिस्से को गार्डन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां एक ही जगह पर 100 किस्म के पेड़ लगाए जाने का लक्ष्य है। पहले इस जगह पर केवल 29 तरह के पेड़ हुआ करते थे। अब इनकी संख्या 75 कर दी गई है। उम्मीद है कि एक माह में लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए दिल्ली चिड़ियाघर ने लोधी गार्डन, दिल्ली सरकार के वन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के वन विभाग और दिल्ली गार्डन पार्क सोसायटी का भी सहयोग लिया है। प्रशासन का कहना है कि यहां प्रकृति प्रेमी विभिन्न फल और फूलदार पेड़ों के साथ औषधीय पेड़ों का भी अवलोकन कर सकेंगे।

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